भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपाओं की पहली बैठक संपन्न, ‘वैश्विक सहयोग’ से लेकर ‘यूथ कनेक्ट’ पर हुआ मंथन

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नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपाओं और सूस शेरपाओं की दो दिवसीय बैठक में आगामी बैठकों की रूपरेखा तय की गई। इन दो दिनों में सदस्य देशों ने पीएम मोदी के ‘जन-केंद्रित’ और ‘मानवता-प्रथम’ दृष्टिकोण आधारित प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शेरपाओं और सूस शेरपाओं (मुख्य शेरपा के निजी प्रतिनिधि) की पहली बैठक 9-10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसकी अध्यक्षता भारत के ब्रिक्स शेरपा और आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने की। इनका साथ संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय आर्थिक संबंध) शंभू एल. हक्की ने दिया, जो सूस शेरपा हैं।

मीटिंग में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका और यूएई के ब्रिक्स शेरपाओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ब्रिक्स शेरपा और देश के प्रतिनिधियों ने मिलकर 10 फरवरी 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 की थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया था।

मीटिंग में भारत ने “इस बैठक का मुख्य विषय, लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” थीम के तहत 2026 में अपनी अध्यक्षता के लिए प्राथमिकताएं बताईं।

भारत सरकार के कई मंत्रालयों और विभागों ने स्वास्थ्य, कृषि, श्रम और रोजगार, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, नवाचार, आईसीटी, सुरक्षा और आतंक-रोधी, आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में सहयोग सहित ब्रिक्स के अलग-अलग उद्देश्यों के तहत भारत की प्राथमिकताएं और प्रस्तावित गतिविधियां बताईं।

इसके अलावा, ब्रिक्स के इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट (संस्थागत विकास) और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करने वाले विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारत के “जन-केंद्रित” रुख को ध्यान में रख, खेलों में सहयोग, यूथ कनेक्ट, सांस्कृतिक सहयोग, ब्रिक्स एकेडमिक फोरम, ब्रिक्स थिंक टैंक काउंसिल, ब्रिक्स सिविल फोरम के साथ-साथ ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स विमेंस बिजनेस अलायंस पर भी प्रेजेंटेशन दिए गए।

इन दो दिनों में डेलीगेट्स ने राष्ट्रीय हथकरघा संग्रहालय और हस्तकला एकेडमी के अलावा अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। ब्रिक्स शेरपा और सूस शेरपा साल भर नियमित तौर पर मिलते रहेंगे ताकि थीम आधारित क्षेत्रों को लेकर सामंजस्य बना रहे।

ब्रिक्स शेरपा नाम के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से बात करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे ‘शेरपा’ (गाइड) पर्वतारोहियों को ऊंचे हिमालयी रास्तों पर गाइड की भूमिका निभाता है। 13 जनवरी को भारत ने आधिकारिक तौर पर 18वें ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता संभाली थी।