बिहार: कुख्यात नक्सली सुरेश कोड़ा ने अवैध हथियार के साथ किया आत्मसमर्पण

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मुंगेर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता हाथ लगी जब तीन लाख रुपए का इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम अवैध हथियार एवं गोली के साथ बिहार एसटीएफ एवं मुंगेर के पुलिस उप-महानिरीक्षक राकेश कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

मुंगेर के लड़ैयाटॉड़ थाना क्षेत्र के पैसरा गांव का रहने वाला सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।

पुलिस को कोड़ा ने एक एके-47 राइफल, एक एके-56 राइफल, दो इंसास राइफल, विभिन्न हथियारों के प्रयोग में लाए जाने वाले 505 कारतूस के अलावा इंसास की आठ मैगजीन और एके-47 और एके-56 की एक-एक मैगजीन सुपुर्द की हैं।

जानकारी के मुताबिक, बिहार एसटीएफ के द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे लगातार अभियान एवं दबीस के कारण, राज्य सरकार के उग्रवादियों के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा एसटीएफ के सकारात्मक पहल से प्रभावित होकर नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने आत्मसमर्पण किया।

पुलिस के मुताबिक, नक्सली सुरेश कोड़ा एसएसी का सक्रिय सदस्य है, जो पिछले 25 वर्षों से फरार था। इसके विरुद्ध मुंगेर, लखीसराय एवं जमुई जिले के विभिन्न थानों में कुल 60 नक्सली कांड दर्ज हैं। वर्ष 2008 में मुंगेर जिले के धरहरा थाना अंतर्गत कुमरपुर गांव के चौकीदार की टॉगी से गला काटकर हत्या एवं वर्ष 2010 में जमुई जिले के चरकापत्थर थाना अंतर्गत ढ़ाकोटॉड़ के चौकीदार की हत्या कर दी गई थी, जिसमें यह आरोपी था।

वर्ष 2012 में खैरा थाना अंतर्गत प्रखंड कार्यालय, खैरा को विस्फोट करने एवं कार्यालय में रखे हुए महत्वपूर्ण कागजात एवं ट्रक में आग लगाकर जला देने की घटना एवं वर्ष 2014 में जमुई थाना अंतर्गत नवीनगर बालू घाट के पास जेसीबी पोकलेन मशीन में आग लगा देने एवं मजदूरों का अपहरण कर लेने की घटना में भी इसके शामिल होने का आरोप है।

पुलिस के अधिकारी ने बताया कि कोड़ा को आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। आत्मसमर्पण के बाद बिहार सरकार की तरफ से इन्हें तथा इनके परिवार को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि पिछले साल दिसंबर में भी तीन कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।