पटना, 18 मार्च (आईएएनएस)। बिहार सरकार का दावा है कि प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। इस बीच, राज्य में गैस सिलेंडर की कृत्रिम किल्लत दिखाकर कई स्थानों पर कुछ जमाखोर इसका फायदा उठाने की फिराक में लगे हैं। इसके मद्देनजर पुलिस महकमे के स्तर से सभी जिलों में व्यापक अभियान चलाकर ऐसे जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
हाल ही में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को जांच के समुचित आदेश दिए थे। इसके बाद सभी जिलों में इसे लेकर जांच, छापेमारी और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों के दौरान एलपीजी के अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान 10 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 293 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस दौरान कालाबाजारी में शामिल 12 व्यक्तियों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया कि विभिन्न जिलों के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए गए हैं। अररिया जिला के फारबिसगंज थाना में दर्ज मामले में सबसे ज्यादा 261 एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा शिवहर जिला के शिवहर थाना क्षेत्र में छह सिलेंडर जब्त किए गए हैं, और दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
इसी तरह, मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थान थाना क्षेत्र में एक एलपीजी के साथ एक आरोपी, बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र में 11 एलपीजी के साथ एक आरोपी, सारण के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र में दो एफआईआर दर्ज की गई और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। सारण के ही नगर थाना में तीन सिलेंडर के साथ दो आरोपी, मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना में सात एलपीजी सिलेंडर के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा, सिवान के मुफस्सिल और कटिहार जिले के सहायक थाना में गैस सिलेंडर की जमाखोरी के मामले में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सभी मामलों की पुलिस जांच कर रही है। अन्य जिलों में भी गैस की जमाखोरी को लेकर छापेमारी चल रही है।

