बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू, पांचवे उम्मीदवार की जीत को लेकर अपने-अपने दावे

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पटना, 16 मार्च (आईएएनएस)। बिहार से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए यहां मतदान सोमवार सुबह नौ बजे शुरू हुआ। विधानसभा परिसर में सुबह से ही मतदान के लिए विधायकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। बिहार में राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए गहमागहमी बनी हुई है।

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सहित कई मंत्री और विधायक विधानसभा पहुंच गए हैं। महागठबंधन के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान भी विधानसभा पहुंच गए। एआईएमआईएम ने रविवार को ही महागठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा कर दी है।

बिहार में एनडीए की बात करें तो उसने इस चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार और पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है जबकि राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को प्रत्याशी बनाया है।

बिहार के राज्यसभा सदस्य जिनका कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए।

अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इसके आधार पर, एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकता है। चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी।

बसपा के एक विधायक, एआईएमआईएम के पांच विधायक हैं। इनका समर्थन मिल जाता है तो इनकी संख्या 41 तक पहुंच सकती है, जो जीत के लिए जरूरी आंकड़ा है। दोनों गठबंधनों अपने-अपने जीत का दावा कर रहे हैं। वोटों की गिनती शाम को होगी। इस बीच, महागठबंधन रविवार से ही अपने विधायकों की मोर्चाबंदी में लगी है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएस