बिहार शरीफ, 31 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को मां शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अत्यधिक भीड़ होने के कारण अचानक स्थिति अनियंत्रित हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि आठ से दस लोग घायल हो गए।
इस बीच, इस घटना के बाद कर्तव्यहीनता के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है. इस घटना की सूचना मिलने के बाद नालंदा जिला पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया। घायलों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटनास्थल पर पटना के आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र, पटना भी पहुंचकर निरीक्षण कर चुके हैं। घटना स्थल पर जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक नालंदा एवं उप विकास आयुक्त स्वयं उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
पुलिस का दावा है कि स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा घटना की जांच कराई जा रही है तथा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मंदिर प्रांगण में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जा रहा है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है।
इधर, स्थानीय लोग मंदिर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक मंगलवार को यहां अधिक भीड़ होती है। आज चैत्र के आखिरी मंगलवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी व्यवस्था में कमी का जिक्र किया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए छह लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इसमें जान गंवाने वाले पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इस भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की।
–आईएएनएस
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