पटना, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में नई सरकार गठन को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। समझा जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 14 अप्रैल, यानी मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से मंत्रिपरिषद् की बैठक मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष, पटना में होगी। संभावना है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री लोक भवन जाएंगे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
इस बीच, भाजपा ने रविवार को बिहार विधानसभा में विधायक दल का नेता चुनने के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जिनके देखरेख में बिहार में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को कहा है कि मुख्यमंत्री के नाम की अनुशंसा भाजपा को करनी है और उसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक होगी, जिसमें एनडीए का विधायक दल अपना नेता चुनेगा। बिहार का मुख्यमंत्री वही बनेगा जिसे एनडीए के विधायक दल अपना नेता चुनेगा। इसमें भारतीय जनता पार्टी की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह तो भारतीय जनता पार्टी को तय करना है। इस मामले में भाजपा की अपनी प्रक्रिया होती है।
इधर, भाजपा में मुख्यमंत्री बनने को लेकर कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। लेकिन, इस विषय पर कोई भी नेता खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहा है। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पत्रकारों से कहा था कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होने की संभावना है। ऐसे में बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है लेकिन भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री को लेकर फूंक-फूंककर आगे बढ़ रहा है।

