पटना, 14 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद से शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी का दौर उनके जमानत पर रिहा होने के बाद भी नहीं थमा है।
पप्पू यादव ने जेल से निकलने के साथ ही आरोप लगाया कि पटना, दिल्ली और पूर्णिया के नेता उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। इस आरोप पर शनिवार को जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने जोरदार पलटवार किया। जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने पप्पू यादव को ‘राजनीति का कायर’ करार दिया।
उन्होंने पप्पू यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी हत्या की साजिश का पता है, तो उन्हें उन तीन नेताओं का नाम सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “लॉरेंस बिश्नोई की धमकी से नहीं डरने का दावा करने वाले पप्पू यादव अब नेताओं का नाम लेने से क्यों डर रहे हैं? यह उनकी कायरता और दोहरे चरित्र को दर्शाता है। वे हवाबाजी करते हैं।”
जदयू नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वे राजनीति में नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब जेल जाने के रास्ते पर होते हैं तो वे बीमार हो जाते हैं और स्ट्रेचर पर आ जाते हैं। कमर और पेट में दर्द होने लगता है, रोने लगते हैं। लेकिन जब जमानत पर जेल से बाहर आते हैं, तो व्हील चेयर छोड़कर दौड़ते हुए हवाई जहाज पर उड़ने लगते हैं। लॉरेंस बिश्नोई प्रकरण में उनका असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है।
सांसद पप्पू यादव के विभिन्न मामलों का खुलासा करने के दावों पर उनके पुराने प्रकरण की याद करते हुए कहा कि जिन पर डकैती, हत्या, अपहरण, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और दंगे जैसे गंभीर मामले दर्ज हों, वे क्या दावा करेंगे? उन्होंने कहा कि रूपेश हत्याकांड जैसे मामलों में पप्पू यादव अब तक चुप क्यों थे? क्या वे केवल बारगेनिंग कर रहे थे?
इधर, पूर्व आईपीएस अमिताभ दास को लेकर जदयू नेता नीरज कुमार ने उन्हें पॉलिटिकल मेंटल क्रैक बताते हुए कहा कि यदि उनके पास छात्रा की मौत को लेकर सबूत थे, तो अब तक उन्हें पेश करने से किसने रोका था? वे मानसिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
–आईएएनएस
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