आजमगढ़, 11 फरवरी (आईएएनएस)। लघु और हस्तकला से जुड़े उद्योगों को पहचान दिलाने के लिए सरकार हमेशा से प्रयासरत रही है और इसी का नतीजा है कि आज आजमगढ़ के निजामाबाद में विलुप्त होती ब्लैक पॉटरी की कला नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी है।
सरकार द्वारा संचालित ओडीओपी योजना ने न सिर्फ युवाओं को रोजगार दिया है, बल्कि देश की अनोखी कला को लोकल से ग्लोबल तक पहुंचाया है। निजामाबाद में ओडीओपी योजना के अंतर्गत चयनित हुए सोहित कुमार प्रजापति बहुत खुश हैं और सारा श्रेय सरकार को दे रहे हैं।
ब्लैक पॉटरी कारोबारी सोहित कुमार प्रजापति का कहना है कि यह श्रेय पूरी तरह से डबल इंजन की सरकार को ही जाता है। उनके द्वारा दी हुई तमाम सुविधाओं में ओडीओपी योजना के अंतर्गत जब चयनित हुए तब से 25 फीसदी सब्सिडी पर आसानी से ऋण मिल रहा है और प्रशिक्षण के माध्यम से टूलकिट भी मिल रहा है। यह बहुत ही अच्छी स्कीम है, जो युवा पलायन कर रहे थे, अब इस काम में जुड़ करके बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही साथ जो प्रोडक्ट बन रहे हैं, वह अब एक्सपोर्ट भी हो रहे हैं। लोकल से ग्लोबल तक पहुंचाने का काम हमारी सरकार की मदद से हो पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा, “हमें उस वक्त बहुत खुशी हुई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री को ब्लैक पॉटरी का सामान गिफ्ट किया। उस वक्त तो मानो ऐसा लगा कि हम आसमान में उड़ान भर रहे हैं। हमें ऐसा लगा कि हमारी बनाई हुई वस्तु आज विदेश तक अपनी पहचान बना रही है। यह है नया भारत का नया उत्तर प्रदेश, जहां छोटे से सामान को इतनी ऊंचाई तक पहुंचाने का काम हमारी सरकार ने किया है।”
ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन के डायरेक्टर संजय प्रजापति ने कहा, “पहले ये स्थिति थी कि युवा वर्ग पलायन कर रहा था और कला विलुप्त होती जा रही थी, लेकिन ओडीओपी योजना में चयनित होने के बाद स्थिति में सुधार है और हम इसके लिए देश के प्रधानमंत्री और सीएम योगी का दिल से धन्यवाद करते हैं क्योंकि उनके इस सराहनीय कदम की वजह से ही आज ब्लैक पॉटरी की कला जिंदा है और विदेशों तक पहचान बना चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा, “साल 2015 में हमारे बनाए उत्पादों को जीआई टैग मिला और आज हम ओडीओपी के माध्यम से कला को निखारने का काम भी कर रहे हैं। बैंक से लोन मिलना आसान हो गया और काम के लिए भूखंड भी मिलता है। सरकार ओडीओपी के माध्यम से युवाओं के पलायन को रोक रही है और सम्मानजनक काम भी दिलवा रही है। आज हमारे पास 5 हजार से ज्यादा ऑर्डर हैं और हम पूरी मेहनत के साथ दिन-रात ऑर्डर को पूरा करने में लगे हैं। अब हर वर्ग के लोग इस काम को सीख रहे हैं और रोजगार के अवसर पा रहे हैं।

