बजट का मुख्य उद्देश्य आम लोगों का जीवन आसान बनाना है: अर्जुन राम मेघवाल

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किए जाने को ऐतिहासिक दिन बताया और इसे देश और महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आईएएनएस से बात करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है कि हमारी वित्त मंत्री ने नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। यह न केवल देश के लिए बल्कि महिला सशक्तिकरण, भाजपा और एनडीए के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य आम लोगों का जीवन आसान बनाना है, चाहे वे ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हों या शहरी क्षेत्रों में।

उन्होंने आगे कहा कि पेश किया गया बजट शानदार है। हमारा लक्ष्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ का निर्माण करना है, और इस बजट के साथ हम उस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि वे देश की प्रगति को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि वे हमारी विकास दर को भी स्वीकार नहीं करते। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां ​​कह रही हैं कि भारत लगभग 7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है, लेकिन वे इसे मानने से इनकार करते हैं। लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल चुके हैं, फिर भी वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं करते। उन्हें बजट को फिर से पढ़ना चाहिए। तभी वे इसकी दूरदृष्टि और प्रभाव को सही मायने में समझ पाएंगे।

इससे पहले दिन में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार की नीतिगत दूरदृष्टि की कमी और रोजगार, विनिर्माण, निजी निवेश, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा सहित प्रमुख सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान देने में विफलता को दर्शाता है।

खड़गे ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यात में गिरावट, टैरिफ जोखिमों, व्यापार घाटे और वैश्विक हिस्सेदारी में कमी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट में संरचनात्मक सुधारों के अभाव पर प्रहार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास अब कोई विचार नहीं बचे हैं।