नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आम बजट में देश की सेहत का ध्यान रखा गया है। इस बजट में भारत की सेहत को दुरुस्त करने के जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा है, और आज कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी सेक्टरों पर ध्यान देते हुए नौवीं बार बजट पेश किया है। हमें इस बजट में फार्मा, स्वास्थ्य और रसायन के क्षेत्रों में कई तोहफे मिले हैं। आज भारत आत्मनिर्भरता के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और रिसर्च को मजबूत करने के लिए तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च स्थापित किए जाएंगे। जिला अस्पतालों के अंदर इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर को मजबूत करने का फैसला लिया गया है। हम अगले 5 वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स तैयार कर स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। बजट में किसान, युवा, महिला एवं एमएसएमई सभी की चिंता की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे दूरदर्शी और समावेशी बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार। हम एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की ओर अग्रसर हैं।
वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह बजट बहुत अच्छा और दूरदर्शी है। यह रोजगार पैदा करने पर फोकस करने वाला बजट है और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला है। इस बजट को ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ तैयार किया गया है। गरीबों की चिंता करते हुए पुरानी स्कीमों को जारी रखने के साथ-साथ सभी जिला अस्पतालों में कैंसर ट्रीटमेंट की सुविधा दी जाएगी, क्योंकि कैंसर का इलाज महंगा होता है और गरीब वहां तक नहीं पहुंच पाते। कैंसर सेंटर बनेंगे, जिससे गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी। मुझे लगता है कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढ़ेगी।
बजट को लेकर विपक्ष के बयानों पर उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव है, वे अलग बात है। सरकार की योजना के रूप में बजट को देखें तो यह एक सुनियोजित प्लानिंग के साथ चल रहा है। बजट से पहले हम लोगों ने जीएसटी स्लैब कम किए और रोजगार के अवसर पैदा करने वाले क्षेत्रों को ज्यादा तवज्जो दी। विपक्ष का काम सिर्फ बोलना है।

