सीए प्रसन्ना कुमार डी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के नए अध्यक्ष, डिजिटल टेक्नोलॉजी पर फोकस

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नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। विश्व के सबसे बड़े लेखा निकाय, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) को नया नेतृत्व मिल गया है। आईसीएआई की 26वीं काउंसिल की बैठक में चुनाव के बाद सीए प्रसन्ना कुमार डी को नया अध्यक्ष और सीए मंगेश पांडुरंग किनारे को नया उपाध्यक्ष चुना गया है। दोनों ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाला है।

आईसीएआई की स्थापना 1949 में संसद द्वारा पारित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट के तहत हुई थी। वर्तमान में इस संस्थान से करीब 11 लाख छात्र जुड़े हुए हैं, जो सीए की पढ़ाई कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत का आईसीएआई दुनिया का सबसे बड़ा प्रोफेशनल अकाउंटेंसी संस्थान है। केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले इस संस्थान की मौजूदगी 47 देशों के 81 शहरों में है। इसके अलावा इसके 54 ओवरसीज चैप्टर और 31 प्रतिनिधि कार्यालय सक्रिय हैं।

शिक्षाविदों व प्रोफेशनल्स का कहना है कि नए अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी से उम्मीद है कि वे पेशे में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और वैश्विक स्तर पर भारतीय सीए की पहचान को और मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। खासकर छात्रों, युवा सदस्यों और नई नीतियों से जुड़े मामलों में पहल की जा सकती है।

माना जा रहा है कि आने वाले समय में आईसीएआई का फोकस प्रोफेशनल एथिक्स को मजबूत करने, डिजिटल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर ट्रेनिंग व अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा। नए नेतृत्व के साथ संस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि वह तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के अनुरूप अपने सदस्यों को तैयार करेगी और देश की आर्थिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान देती रहेगी।

संस्थान के करीब 5 लाख से ज्यादा सदस्य देश-विदेश में प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत हैं। देश के अंदर इसके 5 क्षेत्रीय परिषद (रीजनल काउंसिल) और 185 से ज्यादा शाखाएं हैं, जो अलग-अलग राज्यों और शहरों में काम कर रही हैं। यह संस्था देश में चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे को नियंत्रित करने, उसके मानकों को तय करने और उसे विकसित करने का काम करती है। आईसीएआई कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है।

अध्यक्ष पद का यह चुनाव आईसीएआई की काउंसिल द्वारा किया जाता है, जिसमें देशभर से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं। काउंसिल संस्था की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई होती है। नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अब अगले एक साल तक संस्था का नेतृत्व करेंगे और विभिन्न नीतिगत फैसलों, पेशेवर मानकों और प्रशासनिक कार्यों को दिशा देंगे।