सीबीआई-इंटरपोल की बड़ी कार्रवाई, तीन रेड नोटिसधारी मलेशिया डिपोर्ट

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नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में कार्य कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एनसीबी–कुआलालंपुर के साथ मिलकर एक अहम अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। मंगलवार को तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों को भारत से मलेशिया डिपोर्ट किया गया।

इंटरपोल के मौजूदा कोऑपरेशन सिस्टम के तहत मंगलवार को तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतीफकुमार सेल्वराज और नवींद्रन राज कुमारसन को भारत से मलेशिया डिपोर्ट किया गया।

मलेशियाई अधिकारियों के मुताबिक, ये तीनों व्यक्ति संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गंभीर मामलों में वांछित थे। आरोप है कि इन अपराधों का उद्देश्य अवैध रूप से आर्थिक लाभ, शक्ति या प्रभाव हासिल करना था। एनसीबी–कुआलालंपुर ने बताया कि जब ये लोग यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे, तो मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रेड नोटिस के आधार पर उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

इसके बाद, मलेशियाई अधिकारियों ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन व्यक्तियों को मलेशिया भेजने में सहयोग के उद्देश्य से एनसीबी–नई दिल्ली से औपचारिक अनुरोध किया। इस अनुरोध के तहत रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी को मुंबई पहुंची। एनसीबी–नई दिल्ली और अन्य संबंधित भारतीय एजेंसियों के समन्वय और सहयोग से पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया गया और तीनों वांछित व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से मलेशिया भेज दिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि यह सफल ऑपरेशन कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में भारत और मलेशिया के बीच मजबूत आपसी सहयोग को दर्शाता है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में इंटरपोल के चैनलों और रेड नोटिस प्रणाली की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।

इंटरपोल रेड नोटिस वैश्विक स्तर पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बना हुआ है, जो राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप वांछित भगोड़ों की पहचान, गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाता है।