नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) और रॉयल भूटान सेवा (आरबीएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के संबोधन की जानकारी शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट करके दी गई। सीईसी ने अपने संबोधन में सार्वजनिक सेवाओं में नवाचार के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
आईआईआईडीईएम, जो दुनिया के सबसे बड़े चुनावी प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, विभिन्न देशों के अधिकारियों को चुनाव प्रबंधन, मतदाता जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रशिक्षण देता है। इस सत्र में आईआरएस (आयकर) के 78वें बैच के अधिकारी और भूटान सेवा के प्रशिक्षु शामिल थे।
सीईसी ज्ञानेश कुमार, जो 1988 बैच के केरल कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, फरवरी 2025 में भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने। वे नए कानून के तहत नियुक्त पहले सीईसी हैं। उनके कार्यकाल में 2024 लोकसभा चुनाव, विभिन्न राज्य विधानसभा चुनाव और अब आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव (जैसे पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु आदि) की जिम्मेदारी है।
उन्होंने ईसीआई के डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ईसीआईनेट को लॉन्च करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिसंबर 2025 में वे अंतरराष्ट्रीय आईडीईए के 2026 के लिए अध्यक्ष भी चुने गए, जो भारत की चुनावी विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर पर साझा करने का अवसर प्रदान करता है।
इस संबोधन में सीईसी ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित किया कि सार्वजनिक सेवा में नवाचार से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। आईआईआईडीईएम के माध्यम से ईसीआई न केवल भारतीय अधिकारियों बल्कि विदेशी प्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षित करता है, जिससे वैश्विक चुनावी मानकों में सुधार आता है।

