चेन्नई में 5 फरवरी तक बारिश होने के आसार, पहाड़ी इलाके में न जाने की सलाह

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चेन्नई, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पड़ोसी समुद्री इलाकों में कई कम दबाव वाले सिस्टम की मौजूदगी के कारण सोमवार को पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की बारिश का अनुमान लगाया है।

अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप और केरल तटों के आस-पास के इलाकों में फिलहाल एक कम दबाव का साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इसके अलावा, कोमोरिन सागर और आस-पास के इलाकों में एक और कम दबाव का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है।

इन मौसमी स्थितियों से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसम के पैटर्न पर काफी असर पड़ने की उम्मीद है। इन सिस्टम्स की वजह से पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों ने इन इलाकों के निवासियों को सावधान रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और भूस्खलन वाले इलाकों में, क्योंकि रुक-रुक कर होने वाली बारिश से रोजाना के काम और यात्रा पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने कई अंदरूनी जिलों के लिए कोहरे की चेतावनी भी जारी की है। सोमवार से 5 फरवरी तक कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, नीलगिरी और डिंडीगुल ज़िलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहने की उम्मीद है।

इन इलाकों में विजिबिलिटी कम हो सकती है और गाड़ी चलाने वालों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।

इस बीच, चेन्नई में मौसम के अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। शहर में दिन भर आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तमिलनाडु की राजधानी में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे अंदरूनी ठंडे और नमी वाले इलाकों की तुलना में मौसम थोड़ा सुहावना रहेगा।

मौसम अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन कम दबाव वाले सिस्टम में होने वाले बदलावों पर करीब से नजर रखी जाएगी।

बारिश की तीव्रता या हवा के पैटर्न में किसी भी बड़े बदलाव की जानकारी आधिकारिक सलाह के जरिए तुरंत दी जाएगी।

वहीं, प्रभावित जिलों के निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के लेटेस्ट बुलेटिन से अपडेट रहें और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

केरल और लक्षद्वीप तटों के मछुआरों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया गया है, क्योंकि मौजूदा चक्रवाती हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति बदल सकती है।

मौसम का मौजूदा पैटर्न मौसमी बदलाव के दौर को दिखाता है, जिसके दौरान दक्षिण भारत में बारिश, कोहरे और तापमान में उतार-चढ़ाव आमतौर पर देखा जाता है।