नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में यूजीसी गाइडलाइंस को लेकर हुए हंगामे पर कुलपति योगेश सिंह ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे आपस में सौहार्द बनाए रखें।
डीयू की ओर से जारी एक बयान में कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अनुरोध करता हूं कि वह आपस में सौहार्द बनाए रखें। कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे आपसी मनमुटाव बढ़े और राष्ट्र व विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान हो।
वीसी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार को जो घटना हुई, वह चिंता का विषय है। विश्वविद्यालय में भारत के सभी प्रदेशों और सभी समुदायों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ी चीज है और उसे बनाए रखना हम सब का कर्तव्य है। मैंने आज कई विद्यार्थी और शिक्षक समूहों से बातचीत की है और पुलिस प्रशासन से भी बात करके ये सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में कोई ऐसी घटना न हो, जिससे सद्भाव को कोई नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के जो नए नियम आए हैं, वह अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वह भारत सरकार पर अपना भरोसा बनाए रखें और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करें।
डीयू में हुए हंगामे को लेकर एबीवीपी के स्टेट सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को कई लेफ्ट-विंग स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंदर प्रोटेस्ट कर रहे थे। प्रोटेस्ट के दौरान, एक बुरी घटना हुई, जिसमें एक महिला जर्नलिस्ट पर कथित तौर पर हमला किया गया। जिन लोगों की ओर से हमला किया गया है, उनकी ओर से विश्वविद्यालय में सालभर दावा किया जाता है कि वे महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करते हैं। लेकिन, इस घटना से उनकी पोल खुल गई है।

