पटना, 11 मार्च (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि इससे उन्हें किसी भी प्रकार का फायदा होने वाला नहीं है।
उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस तरह से बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई, उसी प्रकार से हमें विश्वास है कि पश्चिम बंगाल में भी होगी। पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक तरीके से संपन्न होने में कोई नहीं रोक सकता है। कई बार यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया, लेकिन अभी तक इन विपक्षी दलों की आकांक्षाएं पूरी नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मौजूदा समय में एसआईआर को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका उन्हें कोई फायदा होने वाला नहीं है। बिहार की जनता ने बीते विधानसभा चुनाव में हमारे पक्ष में मतदान देकर एसआईआर की प्रक्रिया के प्रति अपनी सहमति जताई। इस तरह से बिहार में भी इसे लेकर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बनने दिया।
इसके अलावा, उन्होंने पंचायत चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमें एक आम सहमति बनाने की जरूरत है। इसके ऊपर विचार सहमति बनानी होगी। अगर आम जनता के बीच में भी इसे लेकर आम सहमति बनेगी, तो निसंदेह इस दिशा में सरकार जरूर आगे कदम बढ़ाएगी।
साथ ही, उन्होंने एलपीजी की किल्लत को लेकर भी आम लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एलपीजी की किल्लत यथाशीघ्र दूर हो और आम लोगों के बीच में यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके।
वहीं, उन्होंने निशांत कुमार को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को मेरी शुभकामनाएं हैं। वे युवा हैं और काबिल नेता हैं। हम चाहते हैं कि वे प्रदेश के हित के लिए अपनी तरफ से उल्लेखनीय योगदान दें, हमारा साथ उनको हमेशा रहेगा।
इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि नीतीश कुमार ने जिस तरह से प्रदेश का नेतृत्व किया है, वो काबिले तारीफ है। उन्होंने हमेशा से ही प्रदेश के विकास पर जोर दिया।

