सीएम मोहन यादव की सरकार ने कई परियोजनाओं पर लगाई मुहर, 20 हजार करोड़ के कार्य मंजूर

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भोपाल, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में लगभग 20 हजार करोड़ के विभिन्न कार्यों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई।

मंत्रिपरिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। मंत्रिपरिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजनाओं, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है।

मंत्रिपरिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए किसानों को लाभ मिलेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रुपये की स्वीकृति सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित व बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना के आगामी पांच वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है।

मंत्रिपरिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रूपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।