नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई ने खुद अपने इस्तीफे की वजह के बारे में बताया। उन्होंने खुद कहा है कि कांग्रेस में उनके लिए स्थिति इस कदर चुनौतीपूर्ण हो चुकी थी कि वो किसी से संवाद ही स्थापित नहीं कर पा रहे थे। ऐसी स्थिति में उन्होंने पार्टी को अलविदा कहना ही मुनासिब समझा।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताचीत में कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी में अपना एजेंट नियुक्त किया हुआ है, जिनका नाम है केसी वेणुगोपाल। उनके पास दो-तीन मुद्दों को छोड़कर कोई मुद्दा बचा ही नहीं है। आज की तारीख में कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब पार्टी में ना ही नीति है और ना ही नीयत। यही कारण है कि आज की तारीख में अधिकांश लोग अब पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। मौजूदा समय में पार्टी की जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस की दुर्गति का सबसे बड़ा कारण यह है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इस देश की जनता ईमानदारी से टैक्स देती है। लेकिन, अफसोस की बात यह है कि पार्टी से जुड़े नेता देश की अर्थव्यवस्था को मृत बता रहे हैं। मेरा सवाल है कि क्या हम इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार कर सकते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की हरकतें बचकानी हैं। अफसोस की बात है कि राहुल गांधी देश के हित से जुड़े मुद्दे नहीं उठाते हैं। इसके विपरीत, वो उन्हीं मुद्दे को उठाते हैं, जिससे देश का सम्मान कम हो। यही कारण है कि आज की तारीख में सभी नेता कांग्रेस को अलविदा कह रहे हैं। कारण है कि कांग्रेस वंशवाद की राजनीति कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या वंशवाद की राजनीति ही है। कांग्रेस शासित हर राज्य आज की तारीख में वंशवाद की समस्या से ही जूझ रहे हैं। हरियाणा में हुड्डा परिवार, असम में गौगोई परिवार, राजस्थान में गहलोत परिवार, महाराष्ट्र में चव्हान साहब का परिवार, अब परिवारवाद की राजनीति को देश की जनता पूरी तरह से नकार चुकी है। अब देश प्रदर्शन की राजनीति चाहता है।
उन्होंने कहा कि अगर आप सोच रहे हैं कि आप सरनेम का सहारा लेकर प्रदेश में राजनीतिक रोटियां सेंक सकते हैं या किसी बड़े पद पर काबिज हो सकते हैं, तो मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि यह आपकी गलतफहमी है, लिहाजा आपको अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए। अब आप राजनीति में तभी जगह बना सकते हैं, जब आपने किसी भी प्रकार का योगदान अपनी तरफ से दिया हो। बिना उसके आप राजनीति में अपनी जगह नहीं बना सकते हैं। अब सरनेम की राजनीति का युग पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने कंगना रनौत की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संदर्भ में दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत से पहले कई ब्यूरोक्रेट्स भी इस मुद्दे का जिक्र कर चुके हैं। आमतौर पर नेता प्रतिपक्ष से यह अपेक्षा की जाती है कि उसका व्यवहार गंभीर रहे। लेकिन, आज की तारीख में राहुल गांधी का व्यवहार कैसा है, यह बात किसी से छुपी नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुझे यह नहीं कहना चाहिए। लेकिन, सच्चाई यह है कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन, उनका व्यवहार नेता प्रतिपक्ष की तरह बिल्कुल भी नहीं रह गया है।

