हुगली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उम्मीदवार चुनाव जीतने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और अपनी नीतियां बताने के साथ दूसरे दलों की नाकामियां उजागर कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को चंदिताला विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने बेरोजगारी और खराब अस्पताल सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर हमला किया। साथ ही चुनाव जीतने पर बंद पड़े उद्योगों को फिर से खोलने और स्वास्थ्य सेवा में सुधार करने का वादा किया।
देबाशीष मुखर्जी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “बंगाल में ममता बनर्जी ने बदलाव का वादा किया था, लेकिन सिर्फ नाम बदला गया है। मदर डेयरी का नाम बदलकर बंगाल डेयरी कर दिया गया है। यह बदलाव धीरे-धीरे किया गया है और ऐसा लगता है कि इसे धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। जल्द ही डेयरी पूरी तरह से बंद हो सकती है।”
मुखर्जी ने कहा, “चंदिताला अस्पताल के विकास के लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यहां के विधायक ने अस्पताल के लिए कोई पहल नहीं की। इसलिए जनता से अपील कर रहा हूं कि विधायक और ममता सरकार को विदाई दें, जिससे क्षेत्र और राज्य का विकास हो सके। जब नई सरकार और नया विधायक सत्ता में आएगा तो तेजी से विकास होगा।”
वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने चुनाव प्रक्रिया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में अब भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। कुछ पुलिस अधिकारी जानबूझकर चुनाव में बाधा डाल रहे हैं और लोगों को बुलाकर अपने पास बैठा रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि समाज के एक विशेष वर्ग के लोगों को धमकाया जा रहा है कि उन्हें सिर्फ टीएमसी के साथ ही रहना होगा।
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण की 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल और 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई की जाएगी।

