दीनदयाल उपाध्याय ने देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की दृष्टि दी : सीएम मोहन यादव

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भोपाल, 11 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि दी। राजधानी के लालघाटी क्षेत्र में स्थित पं उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने विकसित नमो वन का अवलोकन कर पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। विश्व में साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं के वर्चस्व के बीच उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि प्रदान की। पंडित दीनदयाल का विचार था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है, जब वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया।

उन्होंने आगे कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, गरीब-किसान-युवा-महिला सभी के कल्याण और जीवन में प्रगति के अवसर उपलब्ध करा रही है। वहीं विश्व में देश का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके अंत्योदय के विचार को व्यावहारिक रूप देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यति द्वारा केश शिल्पियों के लिए की गई किट की व्यवस्था की सराहना की।

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने सांस्कृतिक विरासत से लेकर एकात्म मानववाद का सिद्धांत प्रतिपादित किया और अंत्योदय की दिशा दिखाई। एकात्म मानववाद व अंत्योदय के प्रणेता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर आज भोपाल, लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया एवं निकट में विकसित ‘नमो वन’ का अवलोकन कर पौधरोपण किया।”