नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। गर्मी के मौसम में राजधानी में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान पानी की मांग बढ़ जाती है, जबकि उत्पादन लगभग समान रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए समर एक्शन प्लान तैयार किया गया है ताकि दिल्ली के सभी इलाकों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, पानी की कमी वाले क्षेत्रों में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के ‘समर एक्शन प्लान-2026’ की समीक्षा की। बैठक में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ कौशल राज शर्मा तथा सरकार व बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि दिल्ली की आबादी लगभग 2.5 करोड़ है और मानक के अनुसार राजधानी को प्रतिदिन लगभग 1,250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में लगभग 1,000 एमजीडी पानी उपलब्ध हो रहा है। इस अंतर को ध्यान में रखते हुए गर्मियों के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि समर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली के सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स से अधिकतम जल उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही भूमिगत और सतही जलाशयों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत, उपकरणों का रखरखाव और पाइपलाइन लीकेज की निगरानी व मरम्मत जैसे कार्य पहले ही पूरे कर लिए गए हैं, ताकि गर्मियों में जल आपूर्ति बाधित न हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पानी की कमी वाले क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए टैंकर व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। दिल्ली जल बोर्ड के 168 विभागीय टैंकर और 819 किराये के टैंकर पानी की आपूर्ति के लिए लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर गर्मियों के चरम समय में लगभग 200 अतिरिक्त टैंकर भी किराये पर लिए जाएंगे।
टैंकर व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक ड्राइवर मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से टैंकरों की जीपीएस आधारित निगरानी की जाएगी और पानी की आपूर्ति की फोटो के साथ पुष्टि दर्ज होगी। इससे संबंधित अधिकारी वास्तविक समय में निगरानी कर सकेंगे और नागरिक भी अपने क्षेत्र में भेजे गए टैंकरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समर एक्शन प्लान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग विस्तृत व्यवस्था तैयार की गई है। इसमें कॉलोनी के हिसाब से पानी की आपूर्ति के घंटे, टैंकरों के रूट, पानी की कमी वाले स्थान और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान शामिल की गई है ताकि जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी समर एक्शन प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा प्रतिदिन लगभग 1600 से 1700 पानी के नमूनों की जांच की जाती है। इसके लिए जल शोधन संयंत्रों पर प्रयोगशालाएं और शहर के विभिन्न हिस्सों में जोनल लैब कार्यरत हैं। इसके अलावा पानी की निगरानी के लिए सैंपलिंग वाहनों की संख्या 12 से बढ़ाकर 18 की जा रही है।

