नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस आयुक्त (सीपी) ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के प्रोबेशनरी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली, आधुनिक चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर जारी पोस्ट के अनुसार, सीपी ने आईआईएस प्रोबेशनर्स के साथ चर्चा में दिल्ली पुलिस के नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कितना जरूरी है।
बातचीत के दौरान सीपी ने कहा कि जनता की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। लोग अब त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यातायात प्रबंधन को भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बनाया और बताया कि दिल्ली जैसे महानगर में ट्रैफिक को सुव्यवस्थित रखना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है।
सीपी ने अधिकारियों को विकसित भारत 2047 के प्रति दिल्ली पुलिस के दृष्टिकोण से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में पुलिस की भूमिका सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास, नागरिक सुरक्षा और विश्वास निर्माण तक फैली हुई है।
आईआईएस प्रोबेशनरी अधिकारी दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा कर पुलिसिंग के व्यावहारिक पहलुओं को समझ रहे हैं। इस इंटरैक्शन में उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली, समन्वय तंत्र और नागरिक सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने युवा आईआईएस अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सूचना सेवा के अधिकारी और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से ही सरकार की योजनाओं और नीतियों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संचार अच्छे शासन का आधार है और पुलिस-जनता के बीच विश्वास का पुल बनाने में सूचना सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

