दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने आतिशी को लिखा पत्र, ‘फांसी घर’ पर बेबुनियाद बयान देने पर लगाई फटकार

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नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को विधानसभा में विपक्ष की नेता और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पीकर ने आतिशी की हालिया प्रेस ब्रीफिंग पर कड़ी आपत्ति जताई है।

पत्र में स्पीकर ने कहा कि आतिशी ने प्रेस ब्रीफिंग में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी समन के खिलाफ बिना आधार के बयान दिए। खास तौर पर, आतिशी ने दावा किया कि विधानसभा परिसर में वाकई एक ‘फांसी घर’ था। स्पीकर ने इसे बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।

विजेंद्र गुप्ता ने लिखा, “अगर आतिशी को लगता है कि विधानसभा में ‘फांसी घर’ था, तो वे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, राम निवास गोयल और राखी बिड़ला से कहें कि वे विशेषाधिकार समिति (प्रिविलेज कमिटी) के सामने बैठक में इसका ठोस सबूत पेश करें। इन्हीं लोगों को इसी मुद्दे पर समन जारी किया गया है, ताकि वे समिति के सामने अपनी बात रख सकें और सबूत दें।”

स्पीकर ने आतिशी को याद दिलाया कि एक जिम्मेदार विधायक और विपक्ष के नेता के नाते, उन्हें ऐसे मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जो फिलहाल विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टी और विधानसभा और उसकी कमेटियों के बीच फर्क समझना जरूरी है। दिल्ली विधानसभा और उसकी कमेटियां अब स्वतंत्र रूप से काम करती हैं, जो शायद आतिशी के लिए नई बात हो सकती है, क्योंकि अतीत में इनका दुरुपयोग हुआ है।

विजेंद्र गुप्ता ने अपनी निराशा जताते हुए कहा कि बिना किसी सबूत के ऐसे बयान देना सदन के स्पीकर के रूप में उन्हें निराशाजनक लगता है। यह उनका फर्ज है कि वे आतिशी को सलाह दें कि छोटे राजनीतिक फायदे के लिए विधानसभा कमेटियों का अपमान या बदनामी न करें।

यह विवाद ‘फांसी घर’ मामले से जुड़ा है, जो 2022 में आप सरकार के दौरान शुरू हुआ था। तब अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा परिसर में एक जगह का उद्घाटन ‘फांसी घर’ के रूप में किया था, जिसमें दावा किया गया था कि ब्रिटिश काल में यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी। लेकिन वर्तमान स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 2025 में दावा किया कि यह जगह वास्तव में ‘टिफिन रूम’ थी, न कि फांसी घर। उन्होंने 1911-1912 के नक्शों और नेशनल आर्काइव के रिकॉर्ड का हवाला दिया, जिसमें कोई फांसी घर का जिक्र नहीं है।