देश की संप्रभुता को बचाने के लिए है पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव : दिलीप जायसवाल

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पटना, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव देश की संप्रभुता को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के सहारे टीएमसी और ‘इंडी’ गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में हैं। लेकिन ‘पहले देश बचेगा, तभी किसी की सत्ता रहेगी।’

भाजपा नेता और मंत्री दिलीप जायसवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव देश की संप्रभुता को बचाने के लिए है। जिस तरह से देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि बंगाल-असम की डिमोग्राफी बदल रही है, घुसपैठियों के सहारे टीएमसी और ‘इंडी’ गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में हैं, लेकिन ‘पहले देश बचेगा, तभी किसी की सत्ता रहेगी।’ हालांकि, बंगाल की जनता बदलाव के लिए मन बना चुकी है।”

महिला आरक्षण विधेयक पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान को लेकर दिलीप जायसवाल ने कहा, “महिला आरक्षण पर क्यों विपक्ष में हाय-तौबा मची हुई है? पीएम मोदी के नेतृत्व में इस देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक अधिकार भी मिलना चाहिए। इस दिशा में भाजपा आगे बढ़ रही है। अखिलेश यादव महिला विरोधी नेता हैं। इन लोगों को महिलाओं को आरक्षण मिलने से कोई मतलब नहीं है।”

जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा, “राजद और सपा जैसी पार्टियां महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहती हैं। वो बार-बार मुश्किल खड़ी करने की कोशिश करती रही हैं, लेकिन संसद में इस बिल के पारित होने में कोई कठिनाई नहीं होगी। दोनों सदनों में एनडीए के पास प्रभावी बहुमत है।”

प्रधानमंत्री मोदी के ‘पश्चिम बंगाल में जंगलराज’ वाले बयान पर उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल सच है कि मालदा की घटना के बाद जिस तरह से टीएमसी ने भाजपा पर आरोप लगाए, जिससे हैरानी होती है। कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार की जवाबदेही होती है। पीएम मोदी भी कहते हैं कि बंगाल के लोगों की आकांक्षाओं को ममता बनर्जी पूरा नहीं कर सकती हैं। बंगाल में फैक्ट्रियां बंद हैं। रोजगार नहीं मिल रहा है। कानून व्यवस्था की बुरी स्थिति है।”

उन्होंने कहा कि अगर बंगाल की जनता नया भविष्य तलाश रही है तो उनके पास भाजपा को चुनने का भी एक विकल्प है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने पर वहां का विकास संभव होगा।

राजीव रंजन प्रसाद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी भाषणों में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उनका संवाद फिर नहीं होता है। कांग्रेस की राज्य इकाइयों के नाम महीनों के इंतजार के बाद उनसे मिल पाते हैं। अभी इस बीच क्या कुछ घट रहा है, उन्हें खुद कुछ पता नहीं है। वे पिछड़े और दलितों की भागेदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन कांग्रेस में हाल की नियुक्तियां राहुल गांधी के बयानों से मेल नहीं खाती हैं, क्योंकि वे बिल्कुल उलट हैं।”