डिजिटल पहचान के बावजूद वोटर डेटा साझा नहीं कर रहा चुनाव आयोग : उदित राज

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नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने डिजिटल डेटा, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक माहौल को लेकर केंद्र सरकार और संस्थाओं पर कई सवाल उठाए।

भारत में 1.4 अरब लोगों की डिजिटल पहचान व्यवस्था का जिक्र करते हुए उदित राज ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश इतनी बड़ी आबादी के लिए डिजिटल पहचान बना सकता है, तो चुनाव आयोग सभी को डिजिटल वोटर डेटा क्यों उपलब्ध नहीं करा रहा?

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या इससे भुगतान रुक जाएंगे या फिर जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर सूची में डुप्लीकेशन रोकने के लिए जरूरी डिजिटल उपाय लागू नहीं किए गए और आयोग ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई।

धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए उदित राज ने कहा कि अगर किसी को मुस्लिम आबादी या धर्म परिवर्तन से डर है, तो पहले जाति आधारित भेदभाव खत्म करना चाहिए। यूजीसी के दिशानिर्देशों का विरोध करने वाले वही लोग हैं, न कि मुस्लिम या ईसाई समुदाय। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में इस्लाम का प्रसार तलवार की नोक पर नहीं हुआ था।

उन्होंने आगे कहा कि देश में नफरत का वातावरण बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी को देश के लिए खतरा बताया जाता है और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात होती है, तो इससे नफरत फैलती है।

उदित राज ने दावा किया कि आज का माहौल उन्हें अतीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिंदू महासभा द्वारा महात्मा गांधी के खिलाफ फैलाए गए माहौल की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि हालिया धमकी भी उसी तरह के वातावरण से जुड़ी है, जिसे एक करणी सेना सदस्य से जोड़ा गया है।