कोच्चि, 6 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी के साथ कोच्चि में तीन दिवसीय दौरे के दौरान चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
यह दौरा चुनावों की अंतिम तैयारी चरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और मतदान अप्रैल 2026 में होने की संभावना है।
समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय दलों जैसे आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सिस्ट), इंडियन नेशनल कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों जैसे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम) और क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। दलों से सुझाव मांगे गए और उनके मुद्दों पर चर्चा हुई।
अधिकांश राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शांतिपूर्ण और सुचारू प्रक्रिया के लिए ईसीआई की सराहना की। कई दलों ने ब्लॉक स्तर अधिकारी (बीएलओ) के कार्य की भी प्रशंसा की। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने दोहराया कि एसआईआर को पूरी पारदर्शिता से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी जमा किए जा सकते हैं और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत डीएम/सीईओ के पास अपील की जा सकती है।
दलों ने चुनाव तिथियां तय करते समय स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखने का आग्रह किया। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं, जैसे रैंप, व्हीलचेयर और पीने का पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। दलों ने धनबल, शराब और मुफ्त उपहार (फ्रीबीज) के दुरुपयोग पर सख्त रोक लगाने और एआई और सिंथेटिक कंटेंट के दुरुपयोग से चुनावी माहौल खराब होने की चिंता जताई।
सीईसी ने सभी दलों को भरोसा दिलाया कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, बिना भेदभाव और कानून के अनुसार होंगे। उन्होंने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों के लिए ईसीआईएनेट प्लेटफॉर्म के सी-वीआईजीआईएल ऐप का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने केरल के चुनाव को पूरे देश और दुनिया के लिए मिसाल बनाने की अपील की।
बाद में आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, आईजी, डीआईजी, डीईओ और एसपी के साथ ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जब्ती, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और आउटरीच पर विस्तृत बैठक की। आयोग ने निष्पक्षता से काम करने और प्रलोभन (इंड्यूसमेंट) वाली गतिविधियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। सभी डीईओ को मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं (एएमई) सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

