नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से जारी भीषण हमलों के बीच फर्जी खबरें और झूठे दावे तेजी से देखने को मिल रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट और पीआईबी लगातार इन झूठी खबरों की पोल खोल रहे हैं। ताजा मामले में दिल्ली में भारत और इजरायल की संयुक्त डिफेंस फैसिलिटी में आग लगने की झूठी खबर फैलाई गई।
फर्जी खबर में कहा गया कि दिल्ली में भारत-इजरायल की संयुक्त डिफेंस फैसिलिटी में भीषण आग लग गई, जिससे दोनों देशों के कई वर्कर मारे गए। भारतीय मीडिया में ईरान के समर्थकों पर आरोप लगाया जा रहा है।
इसके अलावा एक अन्य फर्जी खबर में कहा गया कि भारत-इजरायल के सहयोग से नई दिल्ली में बनाई गई हारोप ड्रोन बनाने वाली भारत की एक संयुक्त प्रोडक्शन फैसिलिटी में भीषण आग लग गई है। खबर है कि इस भीषण आग में भारतीय और इजरायली नागरिकों की मौत हो गई।
वहीं एमईए फैक्ट चेक ने कहा कि यह फेक न्यूज है। कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सावधान रहें। वहीं देश की राजधानी में भारत-इजरायल डिफेंस फैसलिटी के स्थित होने की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का एक डीपफेक वीडियो भी सामने आया। डीपफेक वीडियो में एमईए प्रवक्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारत पहले यह पुष्टि करेगा कि ईरान ऐसे हमलों में शामिल है और अगर पुष्टि हो जाती है, तो ईरान को पाकिस्तान से भी ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा। भारत आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है और भारत के खिलाफ किसी भी तरह के अटैक के लिए ईरान को बख्शा नहीं जाएगा।”
एमईए फैक्ट चेक ने साफ तौर पर इस डीपफेक वीडियो से इनकार किया है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का एक डीपफेक वीडियो सामने आया था, जिसमें ईरान के मुद्दे को लेकर झूठा बयान चलाया गया। हालांकि पीआईबी ने इसका भी फैक्ट चेक किया और लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी।

