फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम, यूपी में 1.40 करोड़ लोगों को दवा देने का लक्ष्य

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लखनऊ, 10 फरवरी (आईएएनएस)। फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में उत्तर प्रदेश में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में 1.40 करोड़ लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के साथ संयुक्त रूप से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ देश के 12 राज्यों के 124 जनपदों में किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से इस वृहद अभियान की शुरुआत की। यह जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने विधानसभा स्थित सभागार में दी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एमडीए अभियान का शुभारंभ किया गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के फाइलेरिया प्रभावित 21 जनपदों की 64 प्लानिंग यूनिटों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 12,332 दवा वितरण टीमें गठित की गई हैं, जबकि 2,246 पर्यवेक्षकों को अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अभियान पूरी पारदर्शिता और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत शाहजहांपुर, बलिया, बाराबंकी, चित्रकूट, उन्नाव, प्रतापगढ़, अयोध्या, भदोही, हरदोई, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, अंबेडकरनगर, औरैया, बहराइच, बांदा, फतेहपुर, खीरी, लखनऊ, पीलीभीत और रायबरेली जिलों को शामिल किया गया है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है, जो मानव जीवन की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और उत्पादकता को प्रभावित करता है। सरकार का लक्ष्य है कि समयबद्ध और सुनियोजित प्रयासों के माध्यम से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जाए। उन्होंने आमजन से अपील की कि दवा वितरण के दौरान सहयोग करें और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाएं।