‘ऑपरेशन मुस्कान’ के जरिए पुलिस ने लौटाई खुशियां, 70 मोबाइल व 18 बाइक लोगों को सौंपी

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गोपालगंज, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। गोपालगंज से एक बेहद सकारात्मक और भरोसा जगाने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सक्रियता ने आम लोगों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। दरअसल, गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के दूसरे चरण का सफल समापन हुआ।

इस खास मौके पर थावे मंदिर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूजा-अर्चना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को उनका खोया हुआ सामान वापस सौंपा गया। इस अभियान के तहत पुलिस ने 70 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिन्हें उनके असली मालिकों को लौटाया गया। इसके साथ ही चोरी की गई 18 मोटरसाइकिलें भी जब्त कर उनके मालिकों को सुपुर्द की गईं।

इतना ही नहीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर बाइक मालिक को पुलिस की ओर से एक-एक हेलमेट भी भेंट किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का दृश्य बेहद भावुक और सुकून देने वाला था। जिन लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी, उनके चेहरे पर फिर से खुशी लौट आई। कई लोगों के लिए ये मोबाइल और मोटरसाइकिल केवल सामान नहीं बल्कि उनकी मेहनत और जिंदगी का अहम हिस्सा थे।

इस मौके पर एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सिर्फ चोरी की घटनाओं को रोकना ही नहीं बल्कि चोरी हुए सामान को जल्द से जल्द बरामद कर उसे असली मालिक तक पहुँचाना भी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। मोबाइल रिकवरी के लिए साइबर टीम और मोटरसाइकिल रिकवरी के लिए डीएसपी लाइन के नेतृत्व में अलग टीम बनाई गई थी।

उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी चीजें भी आम नागरिकों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डालती हैं। एक मोबाइल या एक मोटरसाइकिल किसी व्यक्ति की सालों की मेहनत का परिणाम हो सकती है। इसलिए पुलिस की कोशिश रहती है कि बरामद सामान को थाने में न रखकर सीधे उसके मालिक तक पहुंचाया जाए। एसपी ने इस पूरे ऑपरेशन में शामिल टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इस बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर रिकवरी अभियान चलाया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गोपालगंज पुलिस की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों, तो कानून व्यवस्था सिर्फ नियंत्रण का माध्यम नहीं बल्कि लोगों के विश्वास का आधार भी बन सकती है।