वडोदरा, 29 जनवरी (आईएएनएस)। यूरोपीय यूनियन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर वडोदरा के व्यापारियों में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। वडोदरा व्यापार विकास संगठन के अध्यक्ष रमेश पटेल ने इस समझौते को देश और स्थानीय व्यापार के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह भारत की बदलती वैश्विक व्यापार रणनीति का अहम हिस्सा है।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ के मद्देनजर भारत ने ईयू के साथ एफटीए साइन कर एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाया है। रमेश पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस समझौते से भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी। अमेरिका के टैरिफ वार की तुलना में यह एफटीए भारत और विशेष रूप से वडोदरा के व्यापारियों के लिए अधिक कारगर साबित होगा।
व्यापारी धीरज सावला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौते से प्रीमियम उत्पादों के व्यापार को खासा फायदा होगा। यूरोप से आने वाली वस्तुएं निश्चित रूप से सस्ती होंगी, जिससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। अमेरिका के टैरिफ की स्थिति को देखते हुए यह समझौता भारत के लिए बेहतर विकल्प साबित होगा और व्यापारिक गतिविधियों में नई ऊर्जा लाएगा।
आगामी केंद्रीय बजट को लेकर वडोदरा व्यापार विकास एसोसिएशन ने अपनी प्रमुख अपेक्षाएं सरकार के सामने रखी हैं। एसोसिएशन द्वारा आयोजित बैठक में व्यापार और उद्योग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने आयकर दरों में राहत, कॉरपोरेट और एमएसएमई सेक्टर के लिए टैक्स में कटौती अथवा विशेष प्रोत्साहन देने की मांग की। इसके साथ ही जीएसटी प्रणाली को सरल बनाने, रिटर्न फाइलिंग और रिफंड प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी करने पर जोर दिया गया।
एमएसएमई सेक्टर के लिए सस्ती ब्याज दरों पर ऋण और अधिक क्रेडिट सपोर्ट की आवश्यकता भी प्रमुख रूप से उठाई गई। बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, लॉजिस्टिक्स और पोर्ट सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल और तकनीकी उन्नयन, निर्यात प्रोत्साहन, स्टार्टअप्स के लिए टैक्स हॉलिडे और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने जैसी मांगें भी बैठक में सामने आईं।
वडोदरा व्यापार विकास संगठन के अध्यक्ष और गुजरात सीएआईटी के एडवाइजर रमेश पटेल ने कहा कि एफटीए के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना जरूरी है, क्योंकि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से जो वैश्विक स्थिति बनी है, उसमें यह समझौता बेहद आवश्यक था। उन्होंने कहा कि एफटीए से व्यापार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और इसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिलेगा।
आगामी बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए रमेश पटेल ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश के शीर्ष टैक्सपेयर की श्रेणी में आता है, इसके बावजूद कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत और गुजरात में लाखों छात्र कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन शिक्षा के बाद रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। इस दिशा में सुधार की आवश्यकता है। साथ ही कॉरपोरेट और एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने, जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने और समय पर रिफंड सुनिश्चित करने की मांग भी उन्होंने दोहराई। रोजगार बढ़ाने के लिए नए उद्योगों की स्थापना को उन्होंने बेहद जरूरी बताया।
वडोदरा व्यापार विकास संगठन के कन्वीनर और सीएआईटी कमेटी मेंबर भारत चौहान ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि व्यापारियों को हर बजट से कुछ न कुछ उम्मीदें रहती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल का बजट अच्छा रहा था, लेकिन इस बार अगर कुछ और सुधार किए जाएं तो यह और बेहतर साबित हो सकता है। छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों को बैंकों से आसानी से और कम ब्याज दर पर ऋण मिलना चाहिए। वर्तमान में व्यापारियों को लोन के लिए बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, फिर भी उन्हें ऋण नहीं मिल पाता, जिसमें सुधार की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विदेशों से उद्योग भारत में आते हैं तो इससे बेरोजगारी की दर में कमी आएगी। साथ ही उन्होंने देश की आबादी के अनुपात में टैक्सपेयर की संख्या कम होने की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें सुधार होने से कारोबारियों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहतर माहौल बनेगा।

