गाजियाबाद : सीबीआई एकेडमी से 134 सब-इंस्पेक्टर हुए पास आउट

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गाजियाबाद, 29 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) एकेडमी ने गुरुवार को गाजियाबाद में रिकॉर्ड 134 सब-इंस्पेक्टरों के बैच की पासिंग आउट परेड (पीओपी) का आयोजन किया। इस भव्य समारोह में सीबीआई के डायरेक्टर प्रवीण सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

यह पासिंग आउट परेड 15 मई 2025 को बेसिक ट्रेनिंग के लिए सीबीआई एकेडमी में शामिल हुए सब-इंस्पेक्टरों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक रही।

इन 134 सब-इंस्पेक्टरों को अपनी ट्रेनिंग के दौरान कानून और जांच कौशल, भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की जांच, विभिन्न प्रकार के पारंपरिक अपराध, खुफिया जानकारी एकत्र करना, आर्थिक अपराध, साइबर क्राइम, बैंक फ्रॉड, मोबाइल फोरेंसिक, फोरेंसिक मेडिसिन और फोरेंसिक साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन संस्थागत प्रशिक्षण दिया गया।

इसके साथ ही, उन्हें सीबीआई ब्रांच, अदालतों, स्थानीय पुलिस थानों, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), एम्स, सेबी समेत विभिन्न संस्थानों और संगठनों में फील्ड अटैचमेंट और शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, ताकि वे सीबीआई और अन्य एजेंसियों के कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।

बेसिक ट्रेनिंग कोर्स का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं में उच्चतम स्तर की पेशेवर ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, मानवाधिकारों और मूल्यों के प्रति सम्मान तथा अनुशासन की मजबूत भावना विकसित करना था। इस अवसर पर सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई दी और उनके इस सफर में सहयोग देने वाले परिवारजनों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि यह सीबीआई एकेडमी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सब-इंस्पेक्टर बैच है। साथ ही, उन्होंने इस बैच में 18 महिला अधिकारियों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगठन में बढ़ती लैंगिक विविधता को दर्शाता है।

प्रवीण सूद ने सीबीआई एकेडमी के प्रयासों की भी विशेष प्रशंसा की, जिसे हाल ही में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई है। यह रेटिंग प्रशिक्षण गुणवत्ता और संस्थागत मानकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दी गई है। नए शामिल हुए अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया पासिंग आउट परेड के साथ समाप्त नहीं होती, बल्कि असली सीख तो फील्ड में शुरू होती है।

उन्होंने अधिकारियों से आजीवन सीखने की सोच अपनाने का आह्वान किया, क्योंकि पुलिसिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां बिना किसी तय सिलेबस के लगातार बदलती चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

सीबीआई डायरेक्टर ने आधुनिक जांच में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे टेक्नोलॉजी, विशेष रूप से एआई को जांच में सहायता और तेजी लाने वाले एक प्रभावी टूल के रूप में अपनाएं, खासकर बड़े पैमाने पर डिजिटल डेटा के विश्लेषण में। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टेक्नोलॉजी इंसानी विवेक और निर्णय की जगह नहीं ले सकती, बल्कि उसे और मजबूत बनाती है।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। सत्यव्रत सिंह को बेस्ट ऑल-राउंड सब-इंस्पेक्टर ट्रेनी के लिए डी.पी. कोहली अवॉर्ड और इनडोर स्टडीज के लिए डीसीबीआई ट्रॉफी प्रदान की गई। साहित्या को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी दी गई। शेखर बालियान को बेस्ट आउटडोर परफॉर्मेंस के लिए जॉन लोबो ट्रॉफी से सम्मानित किया गया, जबकि रक्षित कुमार को समर्पण और बेहतरीन कार्य के लिए सीबीआई एकेडमी ट्रॉफी दी गई।

इस अवसर पर प्रवीण सूद ने सीबीआई एकेडमी में नवनिर्मित “ट्रेनिंग एंड रिसर्च इन एडवांस्ड साइबर एविडेंस” (टीआरएसीई) लैबोरेटरी का भी उद्घाटन किया। यह एक अत्याधुनिक डिजिटल सीनारियो और रिस्पॉन्स लैबोरेटरी होगी, जिसका उद्देश्य साइबर क्राइम जांच, डिजिटल फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के प्रबंधन में अधिकारियों की व्यावहारिक क्षमता को वास्तविक जांच परिस्थितियों के माध्यम से विकसित करना है।

यह लैबोरेटरी हैंड्स-ऑन और सीनारियो-बेस्ड ट्रेनिंग पर केंद्रित है, जहां जांच अधिकारियों को साइबर अपराध की वास्तविक परिस्थितियों से रूबरू कराया जाता है और डिजिटल साक्ष्य की जब्ती से लेकर अदालत में प्रस्तुति तक की पूरी प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी जाती है।

इस समारोह में सीबीआई के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें स्पेशल डायरेक्टर मनोज शशिधर, स्पेशल डायरेक्टर संपत मीणा, एडिशनल डायरेक्टर एन. वेणुगोपाल और एडिशनल डायरेक्टर ए.वाई.वी. कृष्णा शामिल थे। इनके अलावा अन्य विभागों और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी इस ऐतिहासिक मौके के साक्षी बने।