गुवाहाटी में पीएम एकता मॉल का उद्घाटन, स्थानीय लोगों ने कहा- मोदी सरकार वादे पूरे करती है

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गुवाहाटी, 13 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे हैं, जहां उन्होंने विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और किसानों-चाय बागान श्रमिकों को बड़ी सौगातें दीं।

पीएम मोदी ने कोकराझार में कुल 4,570 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। गुवाहाटी पहुंचकर पीएम मोदी ने चाय बागान श्रमिकों को ऐतिहासिक उपहार दिया।

उन्होंने 28,000 से अधिक चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे (लैंड पट्टा) वितरित किए, जो 200 वर्षों से असम में रहने वाले इस समुदाय को पहली बार घरेलू भूमि अधिकार प्रदान करता है। यह चरणबद्ध कार्यक्रम का शुभारंभ है, जिससे लाखों चाय बागान परिवारों को लाभ होगा।

इसके अलावा, गुवाहाटी में पीएम मोदी ने पीएम एकता मॉल का उद्घाटन किया, जो स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देगा। उन्होंने देशभर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में पीएम-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की, जिसमें प्रत्येक पात्र किसान को 2,000 रुपए सीधे ट्रांसफर हुए। असम में भी हजारों किसानों को इस योजना का लाभ मिला।

पीएम मोदी ने बताया कि असम को कई तरह की परियोजनाएं मिली हैं, ऊर्जा क्षेत्र में असम को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई परियोजनाओं से लेकर, असम की यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा बढ़ाने वाले कार्यों तक। उन्होंने कहा कि देश की नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

दौरे के दौरान स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। एक किसान रोहित नाथ ने कहा, “पीएम मोदी ने वादे पूरे किए। किसानों को 2,000 रुपए और भूमि पट्टे मिलने से उत्पादन बढ़ेगा।”

एक अन्य स्थानीय ने बताया, “मोदी सरकार जो कहती है, वो करती है। पहले कांग्रेस सत्ता में थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। हम हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार फिर चाहते हैं।”

मालेगांव की रिंकू राय ने कहा, “सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है।”

शनिवार को पीएम मोदी सिलचर जाएंगे, जहां और परियोजनाओं का उद्घाटन होगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह दौरा राज्य के विकास को नई गति देगा। केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से असम में इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और सामाजिक न्याय को मजबूती मिल रही है। लोग पीएम मोदी की तारीफ करते नहीं थक रहे, कह रहे हैं कि ऐसी सरकार पहले नहीं देखी।