नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इंडियन नेवी हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर नेवी प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पी. श्रीजेश उपस्थित थे।
नेवी प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, “भारतीय नेवी ने दूसरी बार हाफ मैराथन का आयोजन किया है। यह हमारा दिल्ली एडिशन था। हम मेजर स्टेशन पर लंबे समय से मैराथन का आयोजन करते रहे हैं। हमारी कोशिश रहती है कि हमारे अधिकारी और जवान न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और धार्मिक स्तर पर भी मजबूत बनें। दिल्ली एडिशन मैराथन से करीब एक लाख नेवी के जवाब फिटनेस को लेकर और जागरूक होंगे।”
उन्होंने कहा कि पहले हाफ मैराथन में 10,000 से अधिक धावक एकत्रित हुए थे। इस बार करीब 13,500 से अधिक धावक एकत्रित हुए। इसमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल थे। मुझे जानकारी दी गई कि सबसे उम्रदराज धावक की उम्र 87 वर्ष से ऊपर की थी। इसके अलावा मैंने कुछ बहुत छोटे बच्चों को भी देखा। सभी जोश के साथ दौड़ रहे थे। लगभग 24 देशों के 88 अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भी हिस्सा लिया। इस तरह भारतीय नेवी का हाफ मैराथन अंतरराष्ट्रीय हो गया है।
नेवी प्रमुख ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने झंडा दिखाकर हाफ मैराथन की शुरुआत की। इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। सरकार भी फिटनेस के क्षेत्र में फिट इंडिया मूवमेंट के माध्यम से बेहतर कार्य कर रही है। आज के दौर में ऐसे कार्यक्रम बेहद अहम हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि दौड़ना सबसे बेहतर और सबसे सस्ता खेल है जिसके माध्यम से हम खुद को फिट रख सकते हैं। इसलिए सभी को अपनी क्षमता के मुताबिक दौड़ना चाहिए।”
साइना नेहवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं भारतीय नेवी को इस उच्चस्तरीय मैराथन को आयोजित करने के लिए बधाई देना चाहती हूं। यह दूसरा साल है। भारत की सरकार फिट इंडिया मूवमेंट चला रही है। देशभर में मैराथन हो रहे हैं, साइक्लोथॉन हो रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि लोग फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं और इस मूवमेंट को पसंद कर रहे हैं। फिटनेस के साथ-साथ हमें अपने खान-पान पर भी ध्यान देना है।”
साइना नेहवाल ने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते मैं कहना चाहूंगी कि अगर हम फिटनेस पर ध्यान देंगे और खान-पान को बेहतर रखेंगे तो उम्मीद है कि ओलंपिक जिसे आयोजित करने की दौड़ में हम शामिल हैं, चीन और अमेरिका जैसे देशों को पदकों के मामले में पीछे छोड़ सकते हैं। हम एक खेल प्रधान राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पी श्रीजेश ने कहा, “भारत में फिटनेस को लेकर माहौल बदल रहा है। युवाओं के साथ ही हर वर्ग के लोग फिटनेस के प्रति सजग हो रहे हैं। सरकार भी फिटनेस को प्रति जागरूकता फैलना के लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर रही है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के तीनों अंग भी फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए मैराथन का आयोजन कर रहे हैं। भारतीय नेवी के द्वारा मैराथन का आयोजन किया जाना एक शानदार प्रयास है।

