नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। जदयू के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा सांसद बन गए हैं। इस बार उनका चयन जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रपति के मनोनयन के जरिए हुआ है। इससे पहले वे राज्यसभा के उपसभापति के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और संसदीय कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
हरिवंश नारायण सिंह का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने वाला था, ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पुनः मनोनीत किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उनकी संसदीय भूमिका अभी जारी रहेगी। उनका नाम उन चुनिंदा व्यक्तियों में शामिल है जिन्हें समाज, साहित्य, पत्रकारिता या सार्वजनिक जीवन में विशेष योगदान के आधार पर राज्यसभा के लिए नामित किया जाता है।
गौरतलब है कि राज्यसभा में राष्ट्रपति को 12 सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार होता है। इन सदस्यों का चयन उनके विशिष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। हरिवंश नारायण सिंह लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं और उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
उनका राजनीतिक करियर भी काफी संतुलित और प्रभावशाली रहा है। जदयू से जुड़े रहते हुए उन्होंने पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। राज्यसभा में उनके अनुभव और संसदीय प्रक्रियाओं की समझ को देखते हुए उनका दोबारा चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरिवंश का पुनर्नियुक्त होना यह दर्शाता है कि सरकार अनुभवी और संतुलित व्यक्तित्वों को संसद में बनाए रखना चाहती है। आने वाले समय में उनसे फिर से सक्रिय और सार्थक योगदान की उम्मीद की जा रही है।
राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा था। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को चेयर से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश समेत 25 राज्यों के 59 सदस्य कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को यूपी के बलिया में हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव से सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की। उसके बाद जेपी इंटर कॉलेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे। यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की थी।

