इम्फाल, 12 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के उखरुल जिले में कुकी समुदाय के ग्रामीणों और सशस्त्र लोगों द्वारा हिरासत में लिए गए नागा समुदाय के सभी 21 नागरिकों को गुरुवार को लंबी बातचीत के बाद छोड़ दिया गया।
इम्फाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार दोपहर को उखरुल-इम्फाल मार्ग पर तीन वाहनों में यात्रा कर रहे तंगखुल नागा समुदाय के नागरिकों को शांगकाई में कुकी गांव वालों और हथियारबंद लोगों ने बंधक बना लिया था।
राज्य सरकार के अधिकारियों और नागा एवं कुकी समुदायों के नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) के नेताओं के बीच गहन बातचीत और विचार-विमर्श के बाद गुरुवार तड़के बंधकों को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद नागरिकों को लिटान पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया गया।
21 लोगों को बंधक बनाने के कारण बुधवार को तंगखुल नागा बहुल उखरुल जिले में विशेष रूप से कुकी बहुल कांगपोकपी जिले से सटे इलाकों में तनाव बना रहा। सुरक्षा बलों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तलाशी और क्षेत्र नियंत्रण अभियान चलाए।
इससे पहले मणिपुर में तंगखुल नागाओं की सर्वोच्च संस्था, तंगखुल नागा लोंग (कार्यकारी समिति) ने उखरुल जिले के कुकी-बहुल गांव शांगकाई में हिरासत में लिए गए 20 से अधिक नागा नागरिकों की सुरक्षित रिहाई की मांग करते हुए दो घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था। तंगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नागा जनजाति है और मुख्य रूप से राज्य के पांच से छह जिलों में पाई जाती है।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल-इम्फाल सड़क पर उत्पन्न भयावह स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों से मानवता के सर्वोच्च मूल्यों का पालन करने और सभी नागरिकों की सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों और जनता को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इस कायरतापूर्ण कृत्य में शामिल दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री सिंह ने दोहराया कि सरकार मणिपुर के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और सभी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और हितधारकों से स्थिति को शांत करने में मदद करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी गैरकानूनी काम के लिए जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

