अगरतला एयरपोर्ट पर असम राइफल्स और सीआईएसएफ का संयुक्त प्रशिक्षण, सुरक्षा तैयारियों को मिला बढ़ावा

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अगरतला, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने शनिवार को अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के साथ मिलकर बहु-एजेंसी प्रशिक्षण अभ्यास आयोजित किया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना था।

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मकसद विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की ऑपरेशनल तैयारियों को बेहतर बनाना था।

अभ्यास के दौरान असम राइफल्स के जवानों ने सुरक्षा ड्रिल, प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल और आपात स्थितियों में समन्वित कार्रवाई से जुड़ी अपनी विशेषज्ञता साझा की, जिससे अन्य एजेंसियों को अपनी प्रतिक्रिया प्रणाली को और बेहतर बनाने में मदद मिली।

संयुक्त प्रशिक्षण ने विभिन्न एजेंसियों के कर्मियों को एक साथ अभ्यास करने, बेहतर तरीकों का आदान-प्रदान करने और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए स्थिति की समझ विकसित करने का अवसर दिया।

इस अभ्यास ने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगी एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

असम राइफल्स ने नागरिक प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को क्षमता निर्माण और तैयारी में सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उभरती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

इससे पहले इसी महीने असम राइफल्स ने सीआईएसएफ कर्मियों के लिए ड्रोन जागरूकता और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया था।

प्रवक्ता के अनुसार, नागरिक और सुरक्षा क्षेत्रों में ड्रोन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीआईएसएफ कर्मियों को मानव रहित हवाई प्रणालियों से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक करना और उनसे निपटने के कौशल प्रदान करना था।

ड्रोन प्रशिक्षण में क्लासरूम सत्र के जरिए विभिन्न प्रकार के ड्रोन, उनकी क्षमताओं और उनसे जुड़े सुरक्षा जोखिमों की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें ड्रोन की पहचान, खतरे का आकलन और संभावित परिस्थितियों में उचित जवाबी कार्रवाई शामिल रही।

इसके बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों को ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव दिया गया। प्रतिभागियों ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखा और ड्रोन के संचालन व नियंत्रण की बुनियादी तकनीकों का अभ्यास किया।

इस अभ्यास के जरिए उन्हें विभिन्न ड्रोन मॉडलों की पहचान और उनकी कार्यप्रणाली को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का अवसर मिला।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने और कार्यकुशलता बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से सीआईएसएफ कर्मियों की तकनीकी समझ बढ़ी और ड्रोन से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने में उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई हवाई अड्डों, जिनमें अगरतला का महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट भी शामिल है, की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है।

पिछले महीने असम राइफल्स ने नागालैंड के पेरेन जिले में दो दिवसीय गहन ड्रोन अभ्यास भी आयोजित किया था।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि यह अभ्यास भारतीय सेना के स्पीयर कोर के तहत जालुकी स्थित ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया, जिसमें सामरिक निगरानी और तकनीकी कौशल को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।