बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों को कानूनी छूट देने वाला कानून चिंताजनक: मानवाधिकार संगठन

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पेरिस, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बांग्लादेश की संसद में पारित ‘जुलाई मास अप्रीजिंग (प्रोटेक्शन एंड लाइबिलिटी डिटरमिनेशन) बिल, 2026’ की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया है। इस कानून के तहत जुलाई–अगस्त 2024 के प्रदर्शनों में शामिल लोगों को सभी प्रकार की आपराधिक और दीवानी जिम्मेदारियों से पूर्ण छूट दी गई है।

फ्रांस स्थित संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश (जेएमबीएफ) ने कहा कि 8 अप्रैल को पारित यह बिल, पूर्व अंतरिम सरकार (जिसका नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे थे) द्वारा पहले जारी अध्यादेश को अब पूर्ण कानून का रूप देता है।

संगठन ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह कानून बांग्लादेश के संविधान और मानव अधिकारों का सार्वजनिक घोषणापत्र में निहित मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

जेएमबीएफ के अनुसार, इस कानून के तहत जुलाई 2024 के आंदोलन में शामिल लोगों को उनके किसी भी कृत्य के लिए पूरी कानूनी छूट मिल जाएगी। साथ ही, इससे जुड़े सभी पुराने मामले, शिकायतें और कानूनी कार्यवाही वापस ले ली जाएंगी और भविष्य में ऐसे मामलों को दर्ज करने पर भी रोक लगा दी गई है।

संगठन का कहना है कि यह कानून “दण्डमुक्ति की खतरनाक संस्कृति” को बढ़ावा देता है, जहां गंभीर अपराधों की जांच नहीं होगी और दोषियों को सजा नहीं मिलेगी। इससे कानून का राज और न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर होती है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए जेएमबीएफ ने कहा कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय वाचा और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के तहत बांग्लादेश पर न्याय, जवाबदेही और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। लेकिन यह कानून इन प्रक्रियाओं को बाधित करता है।

संगठन ने चेतावनी दी कि यह कानून न केवल पिछले गलत कामों को छिपाता है, बल्कि भविष्य में भी कानून तोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, क्योंकि लोगों को जवाबदेही से बचने की उम्मीद होगी। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

जेएमबीएफ ने इस कानून को तुरंत रद्द करने, सभी आरोपित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़ितों को न्याय दिलाने और न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने की मांग की है।

साथ ही, संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे बांग्लादेश के लोगों के साथ न्याय और जवाबदेही की लड़ाई में एकजुटता दिखाएं।