पश्चिम बंगाल में 480 सीएपीएफ कंपनियों की होगी तैनाती, चुनाव आयोग ने दिया ब्योरा

0
11

कोलकाता, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 480 कंपनियों की अग्रिम तैनाती का ब्योरा दिया है।

इन 480 कंपनियों में से 240 कंपनियां 1 मार्च को तैनात की जा चुकी हैं, जबकि बाकी 240 कंपनियां 10 मार्च को तैनात की जाएंगी।

सबसे ज्यादा बल उत्तर 24 परगना जिले में 58 कंपनियां तैनात होंगी। इसके बाद मुर्शिदाबाद में 35, दक्षिण 24 परगना में 33, कोलकाता में 30 और पूर्व मिदनापुर में 28 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

इन पांच जिलों में से उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना बांग्लादेश सीमा से सटे जिले हैं, जबकि मुर्शिदाबाद अल्पसंख्यक बहुल जिला है। वहीं, पूर्व मिदनापुर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का गृह जिला है।

इसके अलावा, हुगली में 27 कंपनियां, पूर्व बर्धमान में 25 और नदिया में 22 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

हावड़ा और बीरभूम में 21-21 कंपनियां, जबकि पुरुलिया और पश्चिम मिदनापुर में 20-20 कंपनियां रहेंगी।

उत्तर दिनाजपुर में 19, मालदा में 18, पश्चिम बर्धमान में 17, दार्जिलिंग में 16 और कूचबिहार में 15 कंपनियां तैनात होंगी।

बांकुड़ा में 13 कंपनियां, झाड़ग्राम में 11, जबकि दक्षिण दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी में 10-10 कंपनियां तैनात की जाएंगी। सबसे कम तैनाती अलीपुरद्वार में 7 और कालिम्पोंग में सिर्फ 4 कंपनियां होगी।

गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, प्रत्येक कंपनी में कम से कम 72 जवान होंगे। इन बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के जवान शामिल होंगे।

सबसे ज्यादा तैनाती सीआरपीएफ और बीएसएफ की होगी। सीएपीएफ की आवाजाही और तैनाती का समन्वय सीआरपीएफ करेगी, यह जानकारी निर्वाचन आयोग ने दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान की तारीखों की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से पहले इतनी बड़ी संख्या में बलों की अग्रिम तैनाती अभूतपूर्व है।