पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा ने टीएमसी को सत्ता से हटाने के दावा किया

0
7

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही, भाजपा ने रविवार को विश्वास जताया कि वह राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटा देगी।

भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो चरणों में उसका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा। नतीजों का ऐलान 4 मई को होगा।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार को बदलने का मन बना लिया है। यहां बहुत ज्यादती, बहुत भ्रष्टाचार और बहुत भाई-भतीजावाद है। बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने का फ़ैसला कर लिया है।”

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आएगी क्योंकि लोग तृणमूल कांग्रेस से तंग आ चुके हैं।

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि राज्य के लोगों ने राजनीतिक बदलाव लाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों ने अपना मन बना लिया है। तृणमूल कांग्रेस सरकार घुसपैठियों का साथ दे रही है, जबकि देश के युवा राष्ट्र के साथ खड़े हैं। वे एक विकसित भारत बनाना चाहते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पिछड़ रही है, जबकि भाजपा आगे बढ़ रही है। राज्य में भाजपा के पक्ष में बन रहे माहौल से तृणमूल परेशान है। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी हमले हो रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। राज्य की कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।

मौर्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार घुसपैठियों को पनाह दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इन सबका जवाब देगी। बंगाल में कमल खिलेगा।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गुंडों की सरकार बन जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह अब कोई लोकतांत्रिक सरकार नहीं रही। यह गुंडों, सरकारी अधिकारियों और पुलिस पर निर्भर है। इसने तो पुलिस का भी राजनीतिकरण कर दिया है। पश्चिम बंगाल की जनता के लिए यह ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति है। इस बार बंगाल को बचाना ही होगा, वरना राज्य से हिंदुओं का पलायन शुरू हो जाएगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर ममता बनर्जी की सरकार दोबारा सत्ता में आती है, तो वह राज्य को एक और बांग्लादेश में बदल देगी।

आई-पैक पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी और इस मामले पर बनर्जी के रुख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सबने देखा कि वह किस तरह फाइलें लेकर भाग रही थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री राज्य में बेरोज़गारी या विकास के मुद्दों पर कभी बात नहीं करतीं।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की, साथ ही स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के उपायों की भी रूपरेखा पेश की।