चेन्नई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित 25,000 नुक्कड़ सभाओं के लिए अनुमति देने में देरी की जा रही है और कई जगहों पर इजाजत से इनकार किया जा रहा है, जिससे सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
पार्टी प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने पुलिस से निष्पक्षता बरतने और कानून के अनुसार सभाओं की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए और वरिष्ठ अधिकारियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
भाजपा का यह राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का मार्गदर्शन प्राप्त है।
17 फरवरी से विभिन्न जिलों में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, पोन राधाकृष्णन, तमिलिसाई सौंदरराजन, वनाथी श्रीनिवासन, वी.पी. दुरईसामी और के.पी. रामलिंगम सहित वरिष्ठ नेताओं ने सभाओं का उद्घाटन किया है।
पार्टी के अनुसार, प्रत्येक बैठक दो से पांच मतदान केंद्र क्षेत्रों को कवर करती है और इनमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों की भी भागीदारी रहती है।
इन सभाओं का उद्देश्य, भाजपा के मुताबिक, डीएमके सरकार की प्रशासनिक विफलताओं को उजागर करना है। पार्टी ने कथित भ्रष्टाचार, वंशवाद की राजनीति, बढ़ते नशे के दुरुपयोग, अधूरे चुनावी वादों और वित्तीय दबाव जैसे मुद्दों को प्रमुख बताया है।
भाजपा का दावा है कि पिछले तीन दिनों में स्थानीय पदाधिकारियों को पुलिस से अनुमति लेने में देरी, अस्वीकृति और कथित रूप से दबाव का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में, जिनमें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का कोलाथुर क्षेत्र भी शामिल है, सभाओं को बाधित करने के लिए दबाव बनाया गया।
भाजपा ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त और जिला स्तर के अधिकारियों से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष रूप से अनुमति सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही, मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक से भी जिला स्तर पर निगरानी तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा हो सके।
पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ये सभाएं सीमित संसाधनों से आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम हैं और उसे विश्वास है कि राज्य में एनडीए को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।

