कर्नाटक को कंगाल बना रही कांग्रेस सरकार: आर अशोक

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मांड्या, 28 फरवरी (आईएएनएस)। विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोका ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्नाटक को कंगाल राज्य बनाने की तैयारी कर रही है और इसी कारण हर वर्ग में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी बजट सत्र में भाजपा और जेडी(एस) मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष करेंगी।

शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक ने कहा, “कांग्रेस की गलतियों को बजट सत्र में उजागर किया जाएगा। भाजपा-जेडी(एस) संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ेगी। सिद्दारमैया सरकार के प्रशासन के कारण 20 और तालुकों को पिछड़े तालुकों की सूची में जोड़ दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के डर से सरकार ने 56 हजार भर्तियां करने का फैसला लिया है, जबकि भाजपा ने 2 लाख पदों पर नियुक्ति की मांग की थी। आंतरिक आरक्षण के मामले में सरकार को अदालत में शपथपत्र दाखिल करना होगा और उसे न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्य करना पड़ेगा।

अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के एक हजार दिन भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री की कुर्सी की खींचतान और अनुदान की कमी जैसी समस्याओं के बीच बीते हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाइयां अब तक नहीं खरीदी गई हैं। इस बीच स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों को स्वयं दवाइयां न खरीदने और सरकार की खरीद का इंतजार करने का निर्देश देने वाला परिपत्र जारी किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च से सरकारी डॉक्टर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिससे मरीजों को भारी परेशानी होगी। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ही “तबीयत खराब” है और बजट में 40 प्रतिशत अनुदान की कटौती की गई है।

अशोक ने कहा कि ई-खाता मुफ्त में दिया जाना चाहिए था, लेकिन इसके नाम पर रिश्वतखोरी को बढ़ावा दिया गया है। एक ई-खाते के लिए 30 हजार रुपये तक की रिश्वत देनी पड़ती है। राजस्व वसूली लक्ष्य से 20 प्रतिशत कम है। आबकारी विभाग में शराब की दुकान खोलने के लिए करोड़ों रुपये रिश्वत देनी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के आदर्शों की बात करने वाले कांग्रेस नेता नई शराब दुकानें खोलने के लिए रिश्वत ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पांच राज्यों के चुनावों से पहले धन जुटाया जा रहा है। मंत्रियों में फेरबदल की खबर आते ही उन्हें हाईकमान को पैसा देना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीके शिवकुमार, मंत्री केजे जॉर्ज सहित अन्य नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक को एटीएम बना दिया है।

अशोक ने कहा कि राज्य का खजाना खाली है, इसलिए हर वर्ग आंदोलन कर रहा है। आंगनवाड़ी बच्चों के लिए सब्जियों पर मात्र 50 पैसे प्रति बच्चे का प्रावधान है। यानी 10 बच्चों के लिए सिर्फ 5 रुपये में आधा किलो सब्जी देनी है, जबकि एक किलो सब्जी की न्यूनतम कीमत 40 रुपये है। उन्होंने दावा किया कि गारंटी योजनाओं के कारण सरकार के पास धन की कमी हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने इतना कर्ज नहीं लिया। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने तक यह कर्ज 6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक पर पहले से ही 1 लाख रुपये का कर्ज है और इतना ही और बढ़ जाएगा।

अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिवालिया हो चुकी है और अब कर्नाटक को कंगाल राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।