जम्मू-कश्मीर विधानसभा: घाटी के लोगों ने जम्मू शहर में जमीन पर किया अतिक्रमण: भाजपा विधायक

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जम्मू, 13 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विवाद खड़ा कर दिया। जब उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के लोग जम्मू शहर में जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने बताया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी की जमीन वापस हासिल की गई है।

जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने भाजपा विधायक विक्रम रंधावा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जनवरी 2025 से बहू तहसील और जम्मू साउथ तहसीलों में कुल 34 अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए गए हैं, जिनमें जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी की 140 कनाल और 11 मरले जमीन वापस हासिल की गई।

विक्रम रंधावा ने आरोप लगाया कि घाटी के लोग जेडीए सरकार की जमीन पर बस्तियां बना रहे हैं, और अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने में विफलता दिखाई है। उन्होंने कहा कि इन बस्तियों में 90 प्रतिशत लोग कश्मीर घाटी से हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की जांच करें और कार्रवाई करें। उन्होंने दावा किया कि जम्मू में जेडीए की 16,000 कनाल से अधिक जमीन पर अतिक्रमण है।

रंधावा ने कहा, “अगर कश्मीरी जमीन खरीदकर जम्मू में घर बनाएं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे सरकारी जमीन पर घर न बनाएं।”

सकीना इटू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण मुद्दों को क्षेत्रीय दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए और जम्मू-कश्मीर को ऐसे आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए।

इसके बाद रंधावा हाथ में कागजात लेकर सदन के वेल की ओर बढ़े और अतिक्रमण को तुरंत हटाने की मांग की।

मंत्री ने बताया कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने और वापस हासिल की गई जमीन की सुरक्षा के लिए बाड़ और साइनबोर्ड लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियरों, पटवारियों और अन्य फील्ड स्टाफ की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करती हैं और किसी भी अतिक्रमण की तुरंत रिपोर्ट करती हैं।

उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, बहू तहसील में 688 कनाल और 17 मरले तथा जम्मू साउथ तहसील में 579 कनाल जमीन अवैध अतिक्रमण में है।

मंत्री ने कहा, “ये अतिक्रमण पुराने हैं, और इन्हें पब्लिक प्रीमिसेस (अनधिकृत कब्जेदारों की निष्कासन) एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत हटाया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि जेडीए के पास पर्याप्त जनशक्ति है और जरूरत पड़ने पर जम्मू नगर निगम, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस निष्कासन और अतिक्रमण विरोधी अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं।

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ चेतावनी जारी करना, विभागीय कार्रवाई शुरू करना, सेवा पुस्तकों में लाल अंक दर्ज करना, निलंबन और वेतन रोकने जैसे उचित कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा, “पंकज सांब्याल और रोमेश कुमार के खिलाफ जम्मू साउथ तहसील में जेडीए की जमीन पर कथित अतिक्रमण में शामिल होने के लिए सेवा पुस्तकों में लाल अंक दर्ज किए गए हैं।”

मंत्री ने जोर देकर कहा कि जिम्मेदारी कानून के अनुसार पूरी जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद तय की जाती है।