मुंबई, 13 मार्च (आईएएनएस)। वरिष्ठ भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को विधानसभा में मांग की कि राज्य सरकार को नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना सहित सभी कृषि योजनाओं पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए ताकि किसानों के बीच फैल रही अफवाहों और गलतफहमियों को दूर किया जा सके।
विधानसभा में नियम 293 के तहत शुरू हुई चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने अपना पक्ष रखा।
इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना और अन्य कृषि योजनाओं पर सरकार ने भारी खर्च किया है, इसके बावजूद किसानों के बीच गलत जानकारी और अफवाहें फैल रही हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 से 2026 के बीच राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी योजनाएं लागू की हैं, जिन पर बड़ी मात्रा में धन खर्च किया गया है। सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि इस अवधि में कृषि क्षेत्र के लिए किया गया बजट 1960 के बाद सबसे अधिक रहा है।
इसके बावजूद कुछ लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की कि कृषि क्षेत्र में किए गए सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) के जरिए सार्वजनिक की जाए।
सुधीर मुनगंटीवार ने यह भी मांग की कि कृषि विभाग से जुड़े मामलों पर चर्चा या जवाब के दौरान विभाग के सचिव की सदन में मौजूदगी अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार विधायकों के अधिकार होने के बावजूद प्रशासन उन्हें सही और पर्याप्त जानकारी नहीं देता।
हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का भाषण जानकारीपूर्ण था, लेकिन वह ‘बुलेट ट्रेन’ की तरह इतनी तेजी से दिया गया कि सदस्यों के लिए नोट्स लेना मुश्किल हो गया।
उन्होंने अंत में कहा कि सरकार को चर्चा की पूरी कार्यवाही (मिनट्स) उपलब्ध करानी चाहिए और किसानों के हित में पारदर्शी जानकारी देने पर ध्यान देना चाहिए।

