कर्नाटक में 600 से अधिक कन्नड़ स्कूल बंद करने के फैसले पर भाजपा का विरोध, कांग्रेस पर निशाना

0
6

नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य में 600 से अधिक कन्नड़ माध्यम के स्कूलों को बंद किए जाने की संभावित कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।

बुधवार को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा, “कर्नाटक सरकार पहले ही 638 कन्नड़ माध्यम स्कूलों को बंद कर चुकी है। राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई है और सरकार दिवालिया हो चुकी है। वह कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही है। इसी वजह से कन्नड़ स्कूलों को बंद किया जा रहा है। यह कन्नड़ और कन्नड़ स्कूलों के खिलाफ कदम है।”

उन्होंने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए मांग की कि बंद किए गए कन्नड़ स्कूलों को तुरंत फिर से खोला जाए।

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के सवाल पर बोम्मई ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस के नेता हताश हो गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, “उनके नेता हताशा में संसद में शहरी नक्सलियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। बेंचों पर खड़े होकर स्पीकर पर हमला करना सभी सीमाएं पार कर चुका है। कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक जाकर उनका रास्ता रोकने की कोशिश कर रही हैं। संसद के इतिहास में ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं हुईं।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना किए जाने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने की उम्मीद पर पूछे गए सवाल के जवाब में बोम्मई ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि विपक्ष का रुख क्या रहेगा।

उन्होंने कहा, “वह जनता की समस्याओं पर बात नहीं करते हैं और हंगामा करना ही उनका एजेंडा बन गया है। संभवतः आगे भी यही जारी रहेगा।”