दिल्ली बजट से पहले ‘खीर रस्म’, सीएम रेखा गुप्ता करेंगी अनोखी शुरुआत

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नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली बजट 2025-26 पेश करने से एक दिन पहले सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत के तौर पर पारंपरिक प्री-बजट ‘खीर रस्म’ करेंगी।

इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी। सीएम 24 मार्च को लगातार दूसरी बार दिल्ली का बजट पेश करेंगी।

मुख्यमंत्री ने पिछले साल ‘खीर रस्‍म’ की प्रथा शुरू की थी, जिसमें पारंपरिक भारतीय व्यंजन को तैयार करके उसे भगवान राम को अर्पित किया जाता है और फिर बजट तैयार करने में शामिल सभी लोगों और जनता में वितरित किया जाता है। यह समारोह विधानसभा में वित्तीय कार्यवाही की एक अनूठी शुरुआत का प्रतीक है।

पिछले साल प्री-बजट रस्म के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा था, “दिल्ली में पहली बार ऐसी रस्म आयोजित की गई है। बजट की शुरुआत खीर की मिठास से हो रही है। इसे भगवान राम को अर्पित किया गया है और अब उन लोगों को परोसा जाएगा, जिन्होंने अपने सुझाव दिए हैं।”

इससे पहले, 2025-26 के बजट की तैयारी के तहत मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में गिग वर्कर्स, किसानों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और श्रमिक समूहों के साथ कई परामर्श बैठकें कीं।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समूह के साथ अलग-अलग बैठकें करते हुए कहा, “जनभागीदारी एक विकसित दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट पेश करना है, जो हर वर्ग की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे।”

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और अपनी चिंताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से सीधे बातचीत की, उनकी बातों को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि आगामी बजट में उनके सुझावों को उचित प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि वह 24 मार्च को विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट 2026-27 में महिलाओं और लड़कियों के लिए कई पहलों की घोषणा करने की योजना बना रही हैं।

निर्मल छाया कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘नारी उत्सव’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने बजट में महिला-केंद्रित योजनाओं को शामिल करने की अपनी सरकार की योजनाओं के बारे में बताया, जहां उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की शक्ति और योगदान को नमन किया।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने समर्पण, निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर ले जा रही हैं।