केरल चुनाव: कन्नूर जिले के सभी 2177 मतदान केंद्रों पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे

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कन्नूर, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी बनाने के लिए कन्नूर जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने सभी मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर व्यापक कैमरा निगरानी व्यवस्था लागू की है।

जिले में कुल 2,177 मतदान केंद्रों के साथ, चुनाव अधिकारियों ने एक व्यापक निगरानी प्रणाली शुरू की है, जिसमें 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की सुविधा है। ये कैमरे केवल मतदान बूथों के अंदर ही नहीं, यह प्रवेश द्वारों पर भी लगाए जा रहे हैं, जिससे मतदान के दिन मतदाताओं की आवाजाही समेत पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रख जा सकेंगी।

अधिकारियों ने बताया कि कैमरों को लगाने का काम तेजी से जारी है। साथ ही, उम्मीद है कि यह चुनावों से काफी पहले ही पूरा हो जाएगा।

निगरानी प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, कदाचार रोकना और मतदान के हर चरण पर चुनाव संबंधी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।

निगरानी तंत्र की एक प्रमुख विशेषता, वास्तविक समय में पर्यवेक्षण के लिए एक दो-स्तरीय नियंत्रण प्रणाली की स्थापना है। जिला स्तर पर, कन्नूर कलेक्ट्रेट से एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष संचालित होगा, जहां सभी मतदान केंद्रों से प्राप्त होने वाली लाइव फीड की निगरानी की जाएगी।

इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों की सीधी देखरेख में अलग-अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक भी इन निर्वाचन क्षेत्र-स्तरीय नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर दौरा करेंगे, ताकि निगरानी प्रणाली के कामकाज का आकलन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

वेबकास्टिंग प्रणाली के सुचारू संचालन में सहायता के लिए, तकनीकी कार्यों को संभालने के लिए नियुक्त कर्मियों हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि हर पोलिंग स्टेशन पर प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया जाएगा, जो उपकरणों को संभालने और वोटिंग प्रक्रिया के दौरान आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या को हल करने का काम करेगा। सबसे अहम बात यह है कि कन्नूर जिले में वोटिंग की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया जाएगा और सुरक्षित रूप से सहेजकर रखा जाएगा। इस रिकॉर्डिंग को हार्ड डिस्क में सेव किया जाएगा और बाद में जांच और रिकॉर्ड रखने के लिए इसे राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंप दिया जाएगा।

अधिकारियों ने भरोसा जताया कि निगरानी के इन बेहतर उपायों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता काफी मजबूत होगी, जिससे वोटरों और सभी संबंधित पक्षों को जिले में एक सुचारू और पारदर्शी चुनाव का भरोसा मिलेगा।