चेन्नई, 15 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के तटीय शहर तूतीकोरिन हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘थूथुकुडी एयरपोर्ट’ करने को मंजूरी दे दी है। सिविल एविएशन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह फैसला स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और सांस्कृतिक संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के बाद लिया गया। इन लोगों ने ऐतिहासिक पोर्ट सिटी के मूल तमिल नाम को आधिकारिक रिकॉर्ड में वापस लाने की आवश्यकता जताई थी।
यह एयरपोर्ट दक्षिणी तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के वैगईकुलम में स्थित है। इसका उद्घाटन 1992 में हुआ था और तब से इसे आमतौर पर तूतीकोरिन एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता रहा।
‘तूतीकोरिन’ नाम ब्रिटिश शासन के दौरान आया था और धीरे-धीरे शहर के अंग्रेजी नाम के रूप में दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों में आम हो गया।
हालांकि, समय के साथ कई समूहों और स्थानीय निकायों ने यह तर्क दिया कि एयरपोर्ट का अंग्रेजी नाम शहर के सही तमिल उच्चारण और स्पेलिंग ‘थूथुकुडी’ को दर्शाना चाहिए। उनका कहना था कि उपनिवेश काल का नाम क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को सही ढंग से नहीं दिखाता।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन सहित तमिलनाडु के अन्य प्रतिनिधियों ने पहले नागरिक विमानन मंत्रालय को औपचारिक रूप से यह बदलाव करने का अनुरोध किया था। इस प्रस्ताव को स्थानीय नेताओं, व्यापार संगठनों और निवासियों का भी समर्थन मिला।
केंद्र की मंजूरी के बाद अब इस एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी एविएशन रिकॉर्ड में आधिकारिक तौर पर थूथुकुडी एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा।
जिले के निवासियों और संबंधित लोगों ने इस कदम का स्वागत किया और इसे शहर की ऐतिहासिक और भाषाई पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कई लोगों ने कहा कि भारत में हाल के दशकों में कई जगहों के नामों में ऐसे ही सुधार किए गए हैं, ताकि उपनिवेश काल के अंग्रेजी नामों को स्थानीय नामों से बदला जा सके।
थूथुकुडी तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से का एक प्रमुख औद्योगिक और पोर्ट शहर है। यह अपने सक्रिय बंदरगाह, नमक उत्पादन, थर्मल पावर प्लांट और उभरती औद्योगिक संरचना के लिए जाना जाता है और क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सशक्त हवाई, समुद्री, रेल और सड़क नेटवर्क के कारण यह जिला तेजी से व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स में विकसित हो रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट का नाम बदलने से शहर की पहचान और मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मूल तमिल नाम के साथ पहचाना जाएगा।

