सबरीमाला सोना चोरी मामला: चेन्निथला ने जेल में बंद पद्मकुमार पर माकपा से कार्रवाई की मांग

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तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ विधायक रमेश चेन्निथला ने सबरीमला मंदिर सोना चोरी मामले में जेल में बंद पूर्व विधायक ए. पद्मकुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीपीआई(एम) से उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का आग्रह किया है।

सीपीआई(एम) के राष्ट्रीय महासचिव एम.ए. बेबी को लिखे एक खुले पत्र में चेन्निथला ने कहा कि पद्मकुमार की पार्टी सदस्यता जारी रहना गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब अदालत की टिप्पणियां उन्हें कथित साजिश से जोड़ती हैं।

पद्मकुमार, जो सीपीआई(एम) की पथानमथिट्टा जिला समिति के लंबे समय से सदस्य और पूर्व विधायक हैं, को 20 नवंबर 2025 को विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सबरीमला मंदिर से सोना चोरी मामले में गिरफ्तार किया था। वह इस मामले में आठवें आरोपी हैं और पिछले दो महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिकाएं अब तक अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

चेन्निथला ने सीपीआई(एम) के उस तर्क को खारिज कर दिया कि पद्मकुमार के खिलाफ आरोप स्पष्ट नहीं होने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जनवरी 2026 में कोल्लम विजिलेंस कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें पद्मकुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उनके कथित रोल का विस्तार से उल्लेख किया गया था।

चेन्निथला ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वोम मैनुअल के अनुसार मंदिर के पवित्र आभूषणों को मंदिर परिसर से बाहर ले जाना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, अदालत के अनुसार, 5 जुलाई 2019 को देवस्वोम बोर्ड की बैठक में भगवान अयप्पा के पवित्र आभूषणों को एक निजी व्यक्ति को सौंपने का फैसला लिया गया।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इन आभूषणों को बाहर ले जाने के लिए उन्हें तांबे की चादरें बताकर गलत तरीके से दर्ज किया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक साजिश में संलिप्तता का संकेत बताया।

चेन्निथला ने कहा कि इन स्पष्ट न्यायिक टिप्पणियों के बावजूद सीपीआई(एम) की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे केरल में भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा हो रही है।

उन्होंने यह आरोप भी दोहराया कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पद्मकुमार के नेतृत्व में सीपीआई(एम) ने 10 करोड़ रुपये एकत्र किए थे और पार्टी को आशंका है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई होने पर इससे जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। चेन्निथला ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह आरोप विश्वसनीय प्रतीत होता है।

कांग्रेस नेता ने सीपीआई(एम) नेतृत्व से लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और पद्मकुमार को बिना देरी पार्टी से निष्कासित करने की अपील की।