ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाया प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप

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कोलकाता, 14 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दिल्ली में हुई हालिया बैठक के दौरान उनके साथ शिष्टाचार नहीं बरता गया।

ममता बनर्जी का कहना है कि बैठक में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।

तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।

वीडियो में ममता बनर्जी ने कहा, “प्रोटोकॉल के अनुसार वे हमसे नीचे पद पर हैं। वे कुर्सी पर बैठे रहे और खड़े होकर अभिवादन करने का शिष्टाचार भी नहीं दिखाया। हम उनके लिए फूल और मिठाई लेकर गए थे। हमें शाम 4 बजे बुलाया गया था, लेकिन इसके बावजूद हमें 20 मिनट बाहर बैठना पड़ा।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक के दौरान कुछ दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा, “सबसे साइन करवाए जा रहे थे। मैंने कहा कि मैं साइन नहीं करूंगी। मैंने पूछा कि मीडिया को अंदर आने की अनुमति क्यों नहीं है। मुझे पता था कि वे विषय से हटकर बातें करेंगे।”

ममता बनर्जी ने चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। उनका दावा है कि इससे कुछ वर्गों के मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शादी के बाद महिलाओं के उपनाम (सरनेम) और पते में बदलाव जैसी वजहों से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि इसी तरह की समस्याएं महिलाओं और आदिवासी समुदाय के लोगों को भी प्रभावित कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ये सभी मुद्दे बैठक में उठाए थे, लेकिन जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का समय सही नहीं है और इसे विधानसभा चुनाव के बाद भी किया जा सकता था।

विशेष गहन पुनरीक्षण राज्य की मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने के लिए किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इससे पहले यह प्रक्रिया वर्ष 2002 में की गई थी।