गुरुग्राम वाटर कैनल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए: नायब सिंह सैनी

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चंडीगढ़, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को कहा कि गुरुग्राम में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विकसित की जा रही गुरुग्राम वाटर कैनल का काम तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री गुरुग्राम वाटर कैनल के पुनर्निर्माण के संबंध में स्थायी वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सोनीपत के काकरोई हेड से बसई जल संयंत्र तक बनने वाली यह कैनल गुरुग्राम को 686 क्यूसेक पानी की आपूर्ति करेगी, जो 2050 तक की जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। लगभग 70 किलोमीटर लंबी इस नहर के निर्माण पर लगभग 1,993 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना में पूरी तरह से भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी की चोरी की समस्या को भी खत्म करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल आपूर्ति कैनल की क्षमता बढ़ाकर 1,000 क्यूसेक की जानी चाहिए ताकि अधिक से अधिक आबादी को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुरुग्राम को एनसीआर नहर से 500 क्यूसेक पानी भी मिलेगा। इस तरह, आने वाले वर्षों में गुरुग्राम को कुल 1,500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, मेवात क्षेत्र के लिए 389 क्यूसेक पीने के पानी का अलग से प्रावधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परियोजना को पारदर्शी तरीके से और उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए क्रियान्वित किया जाए, और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजना को जनता के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पहल बताया और इस बात पर जोर दिया कि इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए ताकि इससे जनता को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पेयजल आपूर्ति परियोजना को ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने और परियोजना को निर्धारित समय से लगभग तीन महीने पहले पूरा करने का निर्देश दिया।